पुलिस के अनुसार, चौथकाबरवाड़ा थाने के कांस्टेबल सुरेंद्र सिंह मंगलवार सुबह अन्य पुलिसकर्मियों के साथ रूटीन गश्त पर थे। गश्त पूरी करने के बाद पुलिस टीम वापस लौट रही थी। इसी दौरान सुबह करीब 9 बजे वे भेडोला रोड पर पहुंचे।
इसी दौरान चौथकाबरवाड़ा की ओर से एक ट्रैक्टर-ट्रॉली तेज रफ्तार में आती दिखाई दी। वाहन को संदिग्ध मानते हुए पुलिसकर्मियों ने उसे रोकने का प्रयास किया। कांस्टेबल सुरेंद्र सिंह ने चालक को रुकने का इशारा किया।
पुलिस के मुताबिक, चालक ने कांस्टेबल के इशारे के बावजूद ट्रैक्टर-ट्रॉली रोकने के बजाय उसकी रफ्तार और बढ़ा दी। इसके बाद वाहन सीधे कांस्टेबल की ओर बढ़ा और उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर लगने से सुरेंद्र सिंह सड़क पर गिर गए। इसी दौरान ट्रैक्टर-ट्रॉली का पहिया उनके पैर के ऊपर से निकल गया।
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों और पुलिसकर्मियों ने घायल कांस्टेबल को संभाला। इसी दौरान पता चला कि सड़क किनारे से गुजर रही करीब 85 वर्षीय महिला जुमी भी वाहन की चपेट में आ गई हैं। महिला पशुओं के लिए चारा लेकर जा रही थीं। हादसे में उन्हें भी चोटें आईं।
बताया जा रहा है कि घटना को अंजाम देने के बाद ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक मौके पर नहीं रुका। वह वाहन लेकर वहां से फरार हो गया। पुलिस ने घायल कांस्टेबल और बुजुर्ग महिला को स्थानीय लोगों की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।
कांस्टेबल सुरेंद्र सिंह की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया। इसके बाद उनकी स्थिति को देखते हुए उन्हें जयपुर रेफर कर दिया गया। बुजुर्ग महिला का भी उपचार कराया गया।
चौथकाबरवाड़ा थानाधिकारी अजीत कुमार ने बताया कि मामले में कांस्टेबल को कुचलने के प्रयास और अवैध बजरी खनन एवं परिवहन से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। फरार चालक की पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों को लगाया गया है। आसपास के इलाकों में दबिश दी जा रही है और संदिग्ध ट्रैक्टर-ट्रॉली की तलाश की जा रही है।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि ट्रैक्टर-ट्रॉली में बजरी कहां से लाई जा रही थी और उसे कहां ले जाया जा रहा था। इसके अलावा वाहन के मालिक और चालक की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है, जब राजस्थान में अवैध बजरी खनन को लेकर पुलिस और प्रशासनिक टीमों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। हाल ही में प्रतापगढ़ जिले में अवैध खनन रोकने गए फॉरेस्ट रेंजर प्रताप सिंह चुंडावत की डंपर से कुचलकर मौत हो गई थी। 21 सितंबर की रात हुई इस घटना के बाद राज्य में अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई और कार्रवाई करने वाली टीमों की सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज हुई।
प्रतापगढ़ की घटना का मामला सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंचा है। चंबल नदी क्षेत्र में अवैध बजरी खनन से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने राजस्थान समेत संबंधित राज्यों से कार्रवाई और रोक की पालना को लेकर रिपोर्ट मांगी है।
चंबल नदी क्षेत्र में अवैध खनन को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहले ही सख्त रुख अपना चुका है। अदालत ने राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ से अवैध खनन रोकने के लिए उठाए गए कदमों और उनकी पालना से संबंधित रिपोर्ट मांगी है।
ऐसे में सवाई माधोपुर की घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि अवैध बजरी के परिवहन में लगे लोगों पर कार्रवाई का कितना असर हो रहा है। कार्रवाई के दौरान पुलिसकर्मी को वाहन से कुचलने की कोशिश और एक बुजुर्ग महिला के घायल होने की घटना ने मामले को और गंभीर बना दिया है।
अब पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती फरार चालक को पकड़ना और यह पता लगाना है कि ट्रैक्टर-ट्रॉली किसके इशारे पर चल रही थी। साथ ही अवैध बजरी के स्रोत और उसके परिवहन से जुड़े पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाना भी जांच का अहम हिस्सा होगा।