उदयपुर: स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) के गिरफ्तार एडिशनल एसपी (ASP) मुकेश कुमार सोनी और उसके दलाल सज्जन सिंह जैन के रिश्वतकांड में रोज नए और सनसनीखेज खुलासे हो रहे हैं। शिकायतकर्ता (परिवादी) निरंजन मोगरा ने एसीबी (ACB) के समक्ष पूरे घटनाक्रम की परतें खोलते हुए बताया कि किस तरह फतहसागर झील के किनारे कार में बैठाकर 2 करोड़ रुपए की रिश्वत की डील पक्की की गई थी।
उल्लेखनीय है कि एसीबी उदयपुर की टीम ने शनिवार को दलाल सज्जन सिंह जैन को 2 करोड़ रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा था, जिसके बाद रविवार को आरोपी एएसपी मुकेश कुमार सोनी को भी गिरफ्तार कर लिया गया था।
शिकायतकर्ता निरंजन मोगरा ने कार में हुई मुलाकात और डील का पूरा ब्योरा साझा किया:
रानी रोड पर मुलाकात: दलाल सज्जन सिंह निरंजन को अपनी कार में बैठाकर फतहसागर झील के किनारे रानी रोड ले गया था, जहां एएसपी मुकेश सोनी अपनी निजी कार में पहुंचा। निरंजन को कार की पिछली सीट पर बिठाया गया जबकि सज्जन सिंह आगे एएसपी के साथ बैठा।
डिजिटल अंदाज में डिमांड: जब निरंजन ने रिश्वत की रकम कम करने की गुहार लगाई, तो एएसपी सोनी बिल्कुल शांत रहा। करीब 5 मिनट बाद उसने अपने मोबाइल की स्क्रीन पर '2CR' (2 करोड़) लिखा और कहा, "सज्जन सिंह जो बोलेगा, वही फाइनल है।"
30 सितंबर का अल्टीमेटम: कार से जाते-जाते एएसपी सोनी ने निरंजन से कहा था कि वह 30 सितंबर को कोर्ट में चार्जशीट पेश कर देगा, इससे पहले पैसों की व्यवस्था हो जानी चाहिए।
निरंजन मोगरा ने एएसपी पर जब्ती के दौरान कीमती सामान गायब करने का भी गंभीर आरोप लगाया है:
बिना रिकॉर्ड के सामान गायब: निरंजन का आरोप है कि गिरफ्तारी के समय उनके घर से करीब 6-7 लाख रुपए मूल्य की सोने की घड़ी, बैंगल और सीसीटीवी की डीवीआर (DVR) जब्त की गई थी, लेकिन एएसपी सोनी ने इन्हें आधिकारिक जब्ती रिकॉर्ड में दर्शाया ही नहीं। 25 अगस्त को जब वे जमानत पर बाहर आए, तो घर से ये सामान नदारद मिले।
SBI के खाली चेक पर कराए साइन: शिकायतकर्ता ने यह भी खुलासा किया कि एसओजी दफ्तर में जसवंत राव नाम के रीडर ने उनकी पत्नी (रिटायर्ड अल्पसंख्यक अधिकारी हेमलता कांकरिया) से एसबीआई (SBI) के खाली चेक पर जबरन हस्ताक्षर करवा लिए थे।
दलाल का फोन: 4 अगस्त को हुई गिरफ्तारी के बाद जब्त सामान और 2 किलो सोने के जेवरात छुड़ाने के लिए निरंजन के पास परिचित दलाल सज्जन सिंह का फोन आया।
केस हल्का करने का दावा: दलाल ने पहले एएसपी के नाम पर 1 करोड़ रुपए की मांग की थी। उसने 100 प्रतिशत काम करने और पूरे केस को पूरी तरह हल्का बनाने की गारंटी दी थी। हालांकि, कुछ ही दिनों बाद दलाल ने पैंतरा बदलते हुए कहा कि "साहब ने 2 करोड़ रुपए मांगे हैं।"
फिलहाल, एसीबी की टीम गिरफ्तार एएसपी मुकेश कुमार सोनी और दलाल सज्जन सिंह से जुड़े अन्य ठिकानों तथा इस पूरे रैकेट में शामिल अन्य कर्मियों की भूमिका की गहनता से जांच कर रही है।