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जयपुर में ACB की बड़ी कार्रवाई: प्रताप नगर थाने का ASI 10 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार

जयपुर: जयपुर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की टीम ने मंगलवार दोपहर एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार किया है। एसीबी ने प्रताप नगर थाने में तैनात असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर (ASI) सुखदेव जाट को 10,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

आरोपी पुलिस अधिकारी ने थाने में दर्ज एक आपराधिक मामले में निष्पक्ष जांच, प्रभावी पैरवी और आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में चालान पेश करने की एवज में यह घूस मांगी थी।

 

केस में मदद और चालान पेश करने की एवज में मांगी घूस

एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक (ADG) स्मिता श्रीवास्तव ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी ASI सुखदेव जाट प्रताप नगर थाने में कार्यरत है:

  • पीड़िता की शिकायत: 11 अगस्त को एक परिवादिया (महिला) ने एसीबी मुख्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि प्रताप नगर थाने में दर्ज एक मामले की जांच (IO) ASI सुखदेव कर रहे हैं।

  • रिश्वत की मांग: आरोपी ASI पीड़िता से दर्ज मुकदमे में प्रभावी पैरवी करने, मदद पहुंचाने और मामले के आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में चालान पेश करने के बदले लगातार रिश्वत के पैसों की मांग कर रहा था।

 

ट्रैप का रचा चक्रव्यूह; वर्दी की जेब में रखे रिश्वत के रुपए

परिवादिया की शिकायत मिलने के बाद एसीबी की टीम ने गोपनीयता से मामले का सत्यापन (Verification) कराया, जिसमें रिश्वत की मांग किए जाने की पुष्टि हुई:

  • ट्रैप की रणनीति: एसीबी की टीम ने आरोपी को पकड़ने के लिए जाल बिछाया और परिवादी को केमिकल लगे 10 हजार रुपये लेकर ASI सुखदेव के पास भेजा।

  • रंगे हाथों दबोचा: प्रताप नगर थाने में जैसे ही परिवादी ने रिश्वत की रकम ASI सुखदेव को सौंपी, उसने खाकी वर्दी की पैंट की जेब में रुपए रख लिए। इशारा मिलते ही आसपास मुस्तैद एसीबी की टीम ने दबिश देकर ASI सुखदेव को मौके पर ही धर-दबोचा।

 

रिश्वत की राशि बरामद, आरोपी से पूछताछ जारी

कार्रवाई के दौरान एसीबी की टीम ने आरोपी ASI सुखदेव जाट के कब्जे से परिवादी द्वारा दी गई 10 हजार रुपये की रिश्वत राशि बरामद कर ली है:

  • हाथ धुलवाने पर लाल हुआ पानी: रासायनिक जांच के दौरान आरोपी के हाथ और पैंट की जेब धुलवाने पर पानी का रंग गुलाबी हो गया, जिससे घूस लेने का पुख्ता प्रमाण मिला।

  • मामला दर्ज: एसीबी ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (POCA) के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

  • आवास व अन्य ठिकानों की तलाशी: एसीबी की टीम फिलहाल गिरफ्तार आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है और उसके अन्य ठिकानों पर भी सर्च अभियान चलाया जा रहा है।