गाइड की मौत की खबर फैलते ही आमेर इलाके में हड़कंप मच गया। आक्रोशित स्थानीय निवासियों, व्यापारियों और अन्य गाइडों ने स्वैच्छिक रूप से आमेर बाजार पूरी तरह बंद कर दिया और सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
पुलिस व प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद की शुरुआत सोमवार सुबह करीब 9:30 बजे हुई:
टूरिस्ट को दिया रास्ता: एक प्राइवेट कार से आए पर्यटकों ने मावठे के पास खड़े गाइड मनीष सोनी से आमेर महल जाने का रास्ता पूछा।
जीप चालक से कहासुनी: वहां जीप लेकर खड़े चालक आजम ने पर्यटकों से कार की जगह जीप से चलने को कहा। जब मनीष ने पर्यटकों को उनकी ही कार से ऊपर जाने का रास्ता समझा दिया, तो पर्यटक अपनी कार से रवाना हो गए।
चाकू से हमला: पर्यटकों के जाने के बाद जीप ड्राइवर आजम और मनीष के बीच कहासुनी शुरू हो गई। बहस के दौरान गुस्साए आजम ने चाकू निकालकर मनीष के पेट में घोंप दिया। पुलिस ने मौके से ही आरोपी जीप ड्राइवर आजम को हिरासत में ले लिया था।
गाइड की मौत के बाद आमेर बाजार बंद कराकर बड़ी संख्या में लोग और परिजन टेंट लगाकर धरने पर बैठ गए हैं। परिजनों व प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के सामने प्रमुख मांगें रखी हैं:
आर्थिक सहायता व नौकरी: मृतक के आश्रितों को 1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।
बुलडोजर कार्रवाई व एनकाउंटर: हत्या के आरोपी के घर पर तत्काल प्रभाव से बुलडोजर कार्रवाई की जाए या कड़ी से कड़ी सजा (फास्ट ट्रैक कोर्ट/एनकाउंटर) दी जाए।
अवैध जीपों पर प्रतिबंध: आमेर महल और आसपास के क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित वाहनों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।
अधिकारियों पर कार्रवाई: पूर्व में शिकायत मिलने के बावजूद कार्रवाई न करने पर आमेर थाने के संबंधित अधिकारियों पर गाज गिरे।
घटना के बाद उपजे जनाक्रोश को देखते हुए पुलिस-प्रशासन सतर्क हो गया है:
अतिरिक्त बल तैनात: एसीपी (आमेर) ट्रेनिंग आईपीएस प्रतीक सिंह की मौजूदगी में आमेर थाना पुलिस और आसपास के थानों से अतिरिक्त पुलिस जाब्ता मौके पर तैनात किया गया है।
शांति की अपील: पुलिस अधिकारी परिजनों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से वार्ता कर उन्हें शांत कराने और धरना समाप्त करवाने की कोशिश कर रहे हैं। फिलहाल इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।