पुलिस के अनुसार 27 सितंबर 2026 को सुबह करीब 10 बजे बिन्दायका स्थित प्रेस्टीज गार्डन कॉलोनी के एक प्लॉट में मिट्टी के नीचे शव दबा होने की सूचना मिली थी। सूचना पर पुलिस उपायुक्त प्रशांत किरण, एसीपी बगरू धमेन्द्र कुमार शर्मा और थानाधिकारी अनिल कुमार जैमनी मौके पर पहुंचे। एफएसएल टीम की सहायता से शव को बाहर निकाला गया, जिसकी पहचान किरण रावत के रूप में हुई।
जांच में सामने आया कि आरोपी प्रवेश कुमार उर्फ हग्गु (20) मृतका किरण रावत के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहा था। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसे महिला के किसी अन्य व्यक्ति से संबंध होने का शक था। इसी बात को लेकर उसने 23 सितंबर को महिला का गला दबाकर और मुंह-नाक पर कपड़ा रखकर उसकी हत्या कर दी।
हत्या के बाद आरोपी ने शव को उसी मकान के चौक में गड्ढा खोदकर दफना दिया, ताकि किसी को घटना की भनक न लगे। वारदात के बाद वह सांगोद बालाजी पैदल यात्रा में शामिल होने के बहाने वहां से निकल गया।
पुलिस के अनुसार आरोपी 24 से 26 सितंबर तक अपने कार्यस्थल पर रहा। 27 सितंबर को उसे घटना के खुलासे की आशंका हुई तो उसने फैक्ट्री मालिक से 500 रुपए उधार लिए और फरार हो गया। इसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की।
विशेष टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी का रूट चार्ट तैयार किया। लगातार निगरानी के बाद पुलिस ने आरोपी को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से दस्तयाब कर गिरफ्तार कर लिया।
घटना के संबंध में प्लॉट मालिक कृष्ण कुमार मीणा की रिपोर्ट पर बिन्दायका थाने में हत्या और साक्ष्य छिपाने से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आरोपी की गिरफ्तारी में थाना बिन्दायका की विशेष टीम, तकनीकी शाखा और आसूचना तंत्र की अहम भूमिका रही। फिलहाल आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।