आयकर विभाग की इस गोपनीय कार्रवाई को बेहद योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया:
छापेमारी का समय: आई-टी विभाग की विभिन्न टीमें सोमवार सुबह करीब 5:00 बजे से 6:30 बजे के बीच तीनों अस्पतालों में अचानक पहुंच गईं।
अस्पताल परिसरों को सील: कार्रवाई शुरू होते ही अस्पतालों के सभी प्रवेश और निकास द्वारों (एंट्री-एग्जिट गेट) को पूरी तरह बंद कर दिया गया। सुरक्षा के लिहाज से स्थानीय पुलिस बल को भी गेट पर तैनात किया गया।
आवाजाही पर रोक: छापेमारी के दौरान किसी भी बाहरी व्यक्ति, नए मरीज या तीमारदारों के प्रवेश पर पूरी पाबंदी लगा दी गई। हालांकि, अंदर मौजूद मरीजों और स्टाफ को नियमों के दायरे में रखा गया।
आयकर सूत्रों के मुताबिक, पार्क ग्रुप के इन अस्पतालों में लंबे समय से बड़े पैमाने पर अघोषित नकद लेन-देन (Cash Transactions) और भारी टैक्स चोरी की शिकायतें मिल रही थीं:
संभावित खुलासा: शुरुआती आकलन के आधार पर माना जा रहा है कि इस कार्रवाई में 20 करोड़ रुपए से अधिक की टैक्स चोरी का खुलासा हो सकता है।
दस्तावेजों की जांच: विभाग की टीमें अस्पतालों के सर्वर रूम, रिकॉर्ड रूम और अकाउंट्स सेक्शन को खंगाल रही हैं। डिजिटल डेटा, कंप्यूटर हार्ड डिस्क, बिलिंग सॉफ्टवेयर और बैंक खातों के विवरण बारीकी से जाँचे जा रहे हैं।
आयकर विभाग की टीमों ने मुख्य रूप से निम्नलिखित ठिकानों पर डेरा डाला है:
जयपुर: मानसरोवर स्थित अमर मेडिकल एंड रिसर्च सेंटर।
झुंझुनूं: चूरू रोड स्थित आरआर मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल।
कोटपूतली-बहरोड़: बहरोड़ स्थित पार्क हॉस्पिटल।
झुंझुनूं के आरआर हॉस्पिटल में 15 से अधिक अधिकारियों की टीम ने पहुंचकर कंप्यूटर और सर्वर को कब्जे में लिया तथा वहां मौजूद स्टाफ को इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को न छूने की सख्त हिदायत दी। फिलहाल दस्तावेजों के सत्यापन का कार्य जारी है, जिसके बाद ही कर चोरी के वास्तविक आंकड़ों और अनियमितताओं का आधिकारिक खुलासा हो सकेगा।