हत्या के बाद बाप-बेटे ने शव को कंबल में लपेटकर ऑटो से ले जाकर एक सुनसान कुएं में फेंक दिया था और रिश्तेदारों के पूछने पर उसके जेल में होने की झूठी कहानी गढ़ते रहे। पुलिस ने घटना के 15 महीने बाद बुधवार को कुएं से क्षत-विक्षत कंकाल/शव बरामद कर आरोपियों को दबोच लिया।
डीसीपी साउथ राजर्षि राज ने मामले का विवरण देते हुए बताया कि लेडी डॉन सीमा चौधरी उर्फ मिंटू की हत्या के आरोप में उनके पति लालाराम (42 वर्ष) और बेटे हरिओम (20 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी सांगानेर के मदरामपुरा क्षेत्र में रह रहे थे, जहां बेटा हरिओम ऑटो चलाता है और पति लालाराम मजदूरी करता है।
जांच में सामने आया कि मई 2025 में ही दोनों ने मिलकर घर पर सीमा चौधरी का गला घोंट दिया था। इसके बाद शव को कंबल में लपेटा और हरिओम के ऑटो में रखकर गांव अचरावाला के पास एक सुनसान कुएं में फेंक दिया।
सीमा चौधरी उर्फ मिंटू 27 मई 2025 से संदिग्ध परिस्थितियों में घर से लापता थी और उसका मोबाइल फोन भी बंद आ रहा था:
दिखावे की गुमशुदगी: घटना के करीब दो महीने बाद 21 जुलाई 2025 को बेटे हरिओम ने मुहाना थाने में मां की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
झूठी कहानियां: जब भी कोई रिश्तेदार या परिचित मिंटू के बारे में पूछता, तो पति और बेटा कहते कि वह किसी मामले में जेल में बंद है।
पुलिस को हुआ शक: रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद भी पति और बेटे ने कभी पुलिस से मामले की जांच के बारे में कोई पूछताछ नहीं की और न ही कोई दिलचस्पी दिखाई, जिससे पुलिस का शक गहरा गया।
पुलिस ने जब संदेह के आधार पर दोनों को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया:
पति का आरोप: आरोपी पति लालाराम को अपनी पत्नी के अवैध संबंधों का शक था।
घर में मारपीट: आरोपियों ने पुलिस को बताया कि 'लेडी डॉन' के नाम से मशहूर मिंटू का घर में काफी खौफ था और वह अक्सर पति और बेटे की बेल्ट से पिटाई करती थी। इसी प्रताड़ना और शक के चलते दोनों ने मिलकर उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची।