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जयपुर के टोंक रोड पर हाई-प्रोफाइल चोरी: राडो शोरूम से 2.5 करोड़ की लग्जरी घड़ियां पार

जयपुर: राजधानी जयपुर के सबसे व्यस्त और पॉश इलाकों में शुमार टोंक रोड पर गुरुवार (1 अक्टूबर) तड़के दुस्साहसिक चोरी की बड़ी वारदात सामने आई है। ग्लास फैक्ट्री के पास स्थित स्विस वॉच ब्रांड 'राडो' (Rado) के ऑफिशियल स्टोर से बेखौफ बदमाशों ने महज 36 मिनट के भीतर 2.5 करोड़ रुपए मूल्य की 251 कीमती घड़ियों पर हाथ साफ कर दिया।

वारदात की सूचना मिलते ही बजाज नगर थाना पुलिस, स्पेशल कमिश्नर ओमप्रकाश, एफएसएल (FSL) और डॉग स्क्वायड की टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाए। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।

 

शटर के बाहर बैठकर तोड़ा लॉक; 5 बैगों में भरकर ले गए कीमती घड़ियां

सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने पूरी वारदात का खुलासा किया है:

  • सीढ़ियों पर बैठकर तोड़ा शटर: सुबह करीब 4:30 बजे 5 से 7 बदमाश बंद शोरूम के बाहर पहुंचे। वे सीढ़ियों पर बैठ गए और बैठे-बैठे ही लोहे की दो भारी रॉड (सब्बल) से शटर का लॉक तोड़ दिया।

  • बाहरी साथियों ने की निगरानी: शटर टूटने के बाद सुबह 4:36 बजे दो बदमाश शोरूम के भीतर दाखिल हुए, जबकि 3 से 4 बदमाश बाहर सीढ़ियों पर बैठकर आसपास निगरानी करते रहे।

  • 36 मिनट में खेल खत्म: बदमाशों ने 5 बड़े बैगों में काउंटर और शो-केस में रखी 251 महंगी राडो घड़ियां भरीं और सुबह 5:12 बजे आराम से निकल गए।

 

डीवीआर समझकर ले गए म्यूजिक सिस्टम, पहचान छुपाने की कोशिश

चोरों की चालाकी और हड़बड़ाहट भी सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई है:

  • म्यूजिक सिस्टम को समझा डीवीआर: बदमाशों को पता था कि शोरूम में सीसीटीवी लगे हैं। वे रिकॉर्डिंग मिटाने के लिए सीसीटीवी के डीवीआर (DVR) की तलाश कर रहे थे। इसी चक्कर में वे शोरूम के म्यूजिक सिस्टम को डीवीआर समझकर उखाड़ ले गए।

  • गेट पर छोड़कर भागे: शोरूम के मुख्य दरवाजे तक पहुंचने पर जब उन्हें अहसास हुआ कि यह डीवीआर नहीं बल्कि म्यूजिक सिस्टम है, तो वे उसे वहीं गेट के पास छोड़कर फरार हो गए।

 

पुलिस गश्त पर उठे सवाल, एआई और विशेष टीमों के जरिए जांच शुरू

वीआईपी माने जाने वाले टोंक रोड पर इस बड़ी वारदात ने पुलिस गश्त व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं:

  • गांधीनगर स्टेशन के जरिए भागने का अंदेशा: घटना स्थल के ठीक पास गांधीनगर रेलवे स्टेशन होने के कारण अंदेशा जताया जा रहा है कि बदमाश वारदात के तुरंत बाद ट्रेन पकड़कर शहर से बाहर भाग गए।

  • एआई तकनीक से पहचान: पुलिस सीसीटीवी फुटेज से चेहरे की पहचान करने के लिए एआई (AI) तकनीक की मदद ले रही है। इसके अलावा पुराने नकबजनों के रिकॉर्ड और लोहे की रॉड बेचने वाले विक्रेताओं से पूछताछ की जा रही है।