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जयपुर में नकली घी के बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश: सरस, कृष्णा व महान ब्रांड्स की फर्जी पैकिंग सामग्री जब्त

जयपुर: मिलावटखोरों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत जयपुर कमिश्नरेट की क्राइम स्पेशल टीम (CST) और झोटवाड़ा थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस ने नामी ब्रांड्स के नाम पर फर्जी पैकिंग और रैपर तैयार करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। झोटवाड़ा के फैक्ट्री एरिया स्थित एक गोदाम पर दबिश देकर पुलिस ने 'सरस', 'लोटस', 'महान' और 'कृष्णा' जैसे नामी घी ब्रांडों के 61,600 खाली मोनो कार्टन, पाउच पैक, प्रिंटिंग मशीनें और बारकोड स्कैनर बरामद किए हैं।

पुलिस ने मौके से गिरोह के मुख्य सरगना अनिल अग्रवाल समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

 

एक महीने की रेकी के बाद पुलिस की सर्जिकल स्ट्राइक; मुख्य सरगना चढ़े हत्थे

डीसीपी (वेस्ट) प्रशांत किरण ने बताया कि सीएसटी और झोटवाड़ा थाना पुलिस पिछले एक महीने से इस संदिग्ध गिरोह की गतिविधियों पर गोपनीय निगरानी रख रही थी। तकनीकी इनपुट्स के आधार पर मंगलवार को गोदाम पर अचानक छापेमारी की गई।

 

पुलिस ने मौके से निम्नलिखित आरोपियों को गिरफ्तार किया:

  1. अनिल अग्रवाल (35) पुत्र टीकमचंद अग्रवाल, निवासी चाकसू (मुख्य सरगना)

  2. मोहनलाल शर्मा (42) पुत्र राजेंद्र प्रसाद शर्मा, निवासी चाकसू

  3. याकूब (40) पुत्र इब्राहीम, निवासी नाहरगढ़ (जयपुर)

 

पुलिस ने मौके से सप्लाई में इस्तेमाल होने वाले वाहनों को भी जब्त कर लिया है।

 

सरस डेयरी के अधिकारियों ने फर्जीवाड़े की पुष्टि की; ट्रेडमार्क व कॉपीराइट एक्ट में मामला दर्ज

गोदाम से भारी मात्रा में नामी ब्रांड्स की पैकिंग सामग्री मिलने के बाद पुलिस ने सरस डेयरी के अधिकारियों को मौके पर बुलाया:

  • नकली निकला हॉलमार्क: सरस डेयरी के अधिकारियों ने जब मौके पर मिले रैपर, मोनो कार्टन और हॉलमार्क की जांच की, तो उन्हें पूरी तरह से फर्जी और कॉपी किया हुआ पाया।

  • मुकदमा दर्ज: सरस डेयरी के राजाराम कार्यालय की लिखित रिपोर्ट पर झोटवाड़ा थाने में कॉपीराइट एक्ट और ट्रेडमार्क अधिनियम की संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की आगे की जांच एसीपी झोटवाड़ा शिव कुमार भारद्वाज कर रहे हैं।

 

जानिए कैसे तैयार होती थी नकली घी की पैकिंग?

पुलिस की शुरुआती पूछताछ में आरोपियों ने नकली पैकिंग तैयार करने का पूरा नेटवर्क उजागर किया:

  • टोंक से आता था कच्चा माल: गिरोह का सरगना अनिल अग्रवाल टोंक निवासी अमन जैन से बिना छपे खाली मोनो कार्टन और प्लेन रैपर खरीदकर लाता था।

  • झोटवाड़ा के गोदाम में प्रिंटिंग: इसके बाद झोटवाड़ा स्थित गोदाम में एडवांस प्रिंटिंग मशीनों की मदद से इन पर सरस, लोटस, महान और कृष्णा घी के लोगो, ब्रांड नेम, फर्जी मैन्युफैक्चरिंग डेट और फर्जी हॉलमार्क प्रिंट किए जाते थे।

 

सीधे घी बनाने के बजाय नकली घी माफिया को बेचते थे पैकिंग

जांच में सामने आया है कि यह गिरोह खुद सीधे घी बनाने के बजाय नकली घी तैयार करने वाले अन्य माफियाओं को फर्जी पैकिंग सप्लाई करने का काम करता था:

  • सप्लाई नेटवर्क: यह गिरोह तैयार फर्जी कार्टन और पाउच प्रमोद अग्रवाल, श्यामसुंदर राठौड़ और जयपुर तथा आसपास के ग्रामीण इलाकों के अन्य नकली घी कारोबारियों को भारी मुनाफे में बेचता था।

  • छपे रैपर से धोखा: इन नकली रैपर्स और कार्टनों का इस्तेमाल कर असली जैसा दिखने वाला मिलावटी और जहरीला घी जयपुर के बाजारों में छोटे व्यापारियों को खपाया जाता था।

पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े टोंक के सप्लायर अमन जैन और फर्जी पैकिंग खरीदने वाले अन्य नकली घी कारोबारियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।