अधिकारियों के मुताबिक, आग की घटना के बाद शुरुआती तौर पर AC में खराबी के कारण धमाका होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, आग लगने की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। हादसे के बाद अस्पताल प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
जानकारी के अनुसार, आग लगने के बाद एक पांच दिन के नवजात की मौके पर ही मौत हो गई थी। इसके बाद दूसरे बच्चे ने मंगलवार सुबह एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। तीसरे नवजात की दोपहर में मौत हुई। फिलहाल 24 बच्चों का अलग-अलग निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है। इनमें एक बच्चे की हालत गंभीर बताई जा रही है, जबकि बाकी बच्चों की स्थिति पर डॉक्टर लगातार नजर रख रहे हैं।
घटना की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने नवजात बच्चों की मौत पर दुख जताया। उन्होंने अधिकारियों को अस्पताल में भर्ती बच्चों को बेहतर और एडवांस मेडिकल केयर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही बच्चों की स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार निगरानी रखने को कहा है।
मुख्यमंत्री ने घटना की जांच कर रिपोर्ट सौंपने और अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश भी दिए हैं। हादसे के बाद अस्पताल की फायर सेफ्टी व्यवस्था और अन्य सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस साल देश में अस्पतालों में आग लगने की विभिन्न घटनाओं में अब तक 25 लोगों की मौत हुई है। इनमें ओडिशा के कटक में 12, बिहार के मुजफ्फरपुर में 5, महाराष्ट्र के अमरावती में 3 नवजात, तेलंगाना के आदिलाबाद में 3 नवजात, उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक नवजात और उत्तराखंड के देहरादून में एक मरीज की मौत शामिल है।