बताया जा रहा है कि एक दिन पहले सड़क दुर्घटना में समाज विशेष के एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। रविवार को स्कूल बंद था और मुख्य गेट पर ताला लगा हुआ था। इसी दौरान लोग शव लेकर स्कूल पहुंचे।
स्कूल में तैनात गार्ड ने लोगों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। आरोप है कि इसके बाद पीछे के गेट का ताला तोड़कर लोग स्कूल परिसर में दाखिल हुए और वहीं दाह संस्कार शुरू कर दिया। गार्ड ने तत्काल इसकी सूचना स्कूल के प्रधानाचार्य को दी।
मामले की जानकारी मिलते ही प्रधानाचार्य ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक अंतिम संस्कार की प्रक्रिया आधे से अधिक पूरी हो चुकी थी। पुलिस के मौके पर पहुंचने के बावजूद तत्काल स्थिति को बदलना संभव नहीं हुआ।
मौके पर मौजूद लोगों का कहना था कि जिस जमीन पर वर्तमान में स्कूल बना हुआ है, वहां पहले उनके समाज का श्मशान हुआ करता था। उनका दावा था कि पूर्व में भी इस स्थान पर अंतिम संस्कार किए जाते रहे हैं।
दूसरी ओर स्कूल प्रशासन का कहना है कि जमीन अब स्कूल के नाम हस्तांतरित हो चुकी है। यहां सरकारी स्कूल का भवन बना हुआ है और पूरे परिसर की चारदीवारी भी की गई है। ऐसे में स्कूल परिसर में ताला तोड़कर प्रवेश करने और वहां दाह संस्कार किए जाने को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 2008 से पहले यह सरकारी जमीन थी। आसपास के लोग अपनी सुविधा के अनुसार इस जमीन का इस्तेमाल श्मशान, मृत पशुओं के निस्तारण, खेती और अन्य कार्यों के लिए करते थे। बाद में जमीन स्कूल के नाम ट्रांसफर कर दी गई और यहां स्कूल भवन का निर्माण कर चारदीवारी कर दी गई।
ग्रामीणों ने बताया कि स्कूल बनने और जमीन हस्तांतरित होने के बाद पिछले करीब 18 वर्षों में यहां किसी तरह का दाह संस्कार नहीं हुआ है। ऐसे में रविवार को अचानक स्कूल परिसर में शव लाकर अंतिम संस्कार किए जाने से विवाद खड़ा हो गया।
घटना के बाद स्कूल प्रशासन और ग्रामीणों के बीच भी नाराजगी का माहौल है। सरकारी स्कूल की चारदीवारी के अंदर ताला तोड़कर प्रवेश और दाह संस्कार किए जाने का मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।
मामले में स्कूल के प्रधानाचार्य की ओर से पुलिस थाने में रिपोर्ट दी गई है। रिपोर्ट में स्कूल परिसर में प्रवेश करने और दाह संस्कार करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
अब पुलिस की जांच में यह स्पष्ट होगा कि स्कूल परिसर में प्रवेश किन परिस्थितियों में किया गया, गेट का ताला किसने तोड़ा और जमीन के पूर्व तथा वर्तमान उपयोग से जुड़े दस्तावेज क्या कहते हैं। पुलिस जांच के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।