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संजू सैमसन को हटाकर वैभव सूर्यवंशी को खिलाना मुश्किल था, पूरी रात नहीं सो पाया: गौतम गंभीर

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने संजू सैमसन को टीम से बाहर कर उनकी जगह युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को मौका देने के फैसले को बेहद मुश्किल बताया है। गंभीर ने कहा कि यह निर्णय लेने के बाद वह पूरी रात सो नहीं सके थे।

जुलाई में इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई पांच मैचों की टी-20 इंटरनेशनल सीरीज के पहले मुकाबले के बाद संजू सैमसन को टीम से बाहर कर दिया गया था। उनकी जगह वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग-11 में शामिल किया गया और उन्होंने इसी मुकाबले से अपना टी-20 इंटरनेशनल डेब्यू किया। हालांकि, वैभव के डेब्यू मैच में भारत को हार का सामना करना पड़ा। भारत ने यह सीरीज 4-0 से गंवाई।

'फैसला बेहद मुश्किल था'

वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत के घरेलू सीजन से पहले जियोस्टार से बातचीत में गौतम गंभीर ने इस फैसले पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि संजू सैमसन भारत की टी-20 वर्ल्ड कप जीत में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे थे। ऐसे खिलाड़ी को सिर्फ तीन-चार मैचों के बाद टीम से बाहर करना आसान फैसला नहीं था।

गंभीर ने बताया कि दूसरी तरफ वैभव सूर्यवंशी भी शानदार फॉर्म में थे और टीम को इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज जीतनी थी। ऐसे में टीम मैनेजमेंट ने टॉप ऑर्डर में रन बनाने की क्षमता को देखते हुए वैभव को मौका देने का फैसला किया।

'भारत के लिए हर सीरीज जीतना चाहते हैं'

गंभीर के मुताबिक, जब आप भारतीय टीम के लिए खेलते हैं या उसे कोच करते हैं तो हर सीरीज जीतना चाहते हैं। इसी सोच के साथ संजू की जगह वैभव को खिलाने का फैसला लिया गया।

गंभीर ने कहा कि उन्होंने इस फैसले से पहले संजू सैमसन से बेहद ईमानदारी से बातचीत की थी। उन्होंने संजू से कहा था कि वैभव शानदार फॉर्म में हैं और टीम को टॉप ऑर्डर में रन बनाने वाले खिलाड़ी की जरूरत है।

'मैंने संजू से ईमानदारी से बात की'

गंभीर ने बताया कि संजू सैमसन ने इस फैसले को समझा और उसे अच्छे तरीके से लिया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह बातचीत केवल उनके और संजू के बीच हुई थी।

गंभीर के अनुसार, टीम में किसी खिलाड़ी को बाहर करना सिर्फ आंकड़ों का फैसला नहीं होता, बल्कि कई बार परिस्थितियों और टीम की जरूरतों को भी ध्यान में रखना पड़ता है।

अफगानिस्तान सीरीज में संजू की वापसी

इसके बाद भारत ने घरेलू मैदान पर अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की टी-20 सीरीज खेली। इस सीरीज में संजू सैमसन की टीम में वापसी हुई, जबकि वैभव सूर्यवंशी को बाहर रखा गया।

संजू ने वापसी के बाद शानदार प्रदर्शन करते हुए लगातार दो अर्धशतक लगाए। भारत ने अफगानिस्तान के खिलाफ यह टी-20 सीरीज 3-0 से अपने नाम की।

संजू को बाहर करने और वैभव को मौका देने का फैसला भले ही उस समय चर्चा में रहा हो, लेकिन गंभीर के बयान से साफ है कि टीम मैनेजमेंट के सामने उस वक्त दो खिलाड़ियों के बीच चयन को लेकर चुनौतीपूर्ण स्थिति थी।