पुलिस की टीम उस आवास पर पहुंची, जहां अभिजीत दीपके ठहरे हुए हैं। पुलिस अधिकारी की मौजूदगी में उन्हें नोटिस सौंपा गया। इसमें स्पष्ट किया गया कि प्रतिबंधों के बीच बिना अनुमति मार्च निकालना और लोगों को एकत्र करना नियमों का उल्लंघन माना जा सकता है।
दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय ध्वज लहराना अपने आप में कानून के खिलाफ नहीं है। हालांकि, किसी प्रतिबंधित क्षेत्र में बिना अनुमति यात्रा निकालना या भीड़ जुटाना कार्रवाई का आधार बन सकता है। पुलिस ने दीपके को राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान और उसके इस्तेमाल से जुड़े फ्लैग कोड के नियमों की जानकारी भी दी।
प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में सुरक्षा इंतजाम बढ़ाए गए हैं। पुलिस और प्रशासन की नजर प्रदर्शन से जुड़ी गतिविधियों पर बनी हुई है। अधिकारियों के अनुसार, लागू प्रतिबंधों का पालन सुनिश्चित करना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है।
पुलिस के नोटिस से पहले अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर प्रदर्शन को अराजकता से जोड़ने वाले आरोपों का जवाब दिया था। उन्होंने कहा कि सत्ता में बैठे लोगों से जवाबदेही मांगना लोकतंत्र में अभिव्यक्ति का बुनियादी हिस्सा है, इसे अराजकता नहीं कहा जाना चाहिए।
दीपके ने अपने पोस्ट में दावा किया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन से कारोबार को नुकसान नहीं होता। उनके मुताबिक, शहर बंद करने, इंटरनेट सेवाएं रोकने और नागरिकों की आवाजाही सीमित करने जैसे कदम आम लोगों और व्यापारियों के लिए ज्यादा परेशानी पैदा करते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि CJP ने मुंबई, पुणे, जयपुर, लखनऊ, बेंगलुरु और नागपुर में प्रदर्शन किए, जो उनके अनुसार शांतिपूर्ण रहे। दीपके ने दावा किया कि जयपुर में उन पर व्यक्तिगत रूप से हमला हुआ था, लेकिन उन्होंने जवाब में हिंसा का सहारा नहीं लिया। ये बातें दीपके ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कही हैं।
प्रदर्शन को देखते हुए NDMC ने प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क को 16 और 17 अक्टूबर को आम लोगों के लिए बंद रखने की घोषणा की है। यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब CJP की प्रस्तावित तिरंगा यात्रा को लेकर प्रशासन सतर्क है।
दिल्ली यातायात पुलिस ने भी शुक्रवार दोपहर 3 बजे से कनॉट प्लेस और आसपास की कुछ सड़कों पर यातायात प्रभावित होने की आशंका जताई है। ऐसे में इस इलाके से गुजरने वाले लोगों को अपनी यात्रा की योजना बनाते समय संभावित बदलावों का ध्यान रखने की जरूरत होगी।
CJP के प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस ने दिल्ली हाईकोर्ट को आश्वासन दिया है कि संबंधित चिंताओं से निपटने के लिए कानून के तहत जरूरी कदम उठाए जाएंगे। कनॉट प्लेस में पहले से लागू निषेधाज्ञा और NDMC की ओर से अनुमति नहीं मिलने के चलते प्रस्तावित यात्रा को लेकर प्रशासन की सतर्कता बढ़ गई है।
फिलहाल, प्रदर्शन को लेकर मुख्य सवाल यही है कि CJP निर्धारित स्थान पर किस तरह अपनी गतिविधियां आगे बढ़ाती है और प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्या कदम उठाता है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान और शांतिपूर्ण अभिव्यक्ति के साथ-साथ लागू नियमों और प्रतिबंधों का पालन भी जरूरी है।