Education

शेखावाटी यूनिवर्सिटी में पूर्व सैनिकों से संवाद, डिफेंस स्टडीज़ शुरू करने की घोषणा

18 मार्च 2026, कटराथल (सीकर), दीनदयाल शेखावाटी यूनिवर्सिटी के प्रांगण में आयोजित एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में भूतपूर्व सैनिक विकास समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष कर्नल देव आनंद लोहामरोड़ ने JOREXO के माध्यम से यूनिवर्सिटी में सेवाएँ दे रहे पूर्व सैनिकों से रूबरू मुलाकात की और उनके साथ विस्तृत चर्चा की। कार्यक्रम में यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. अनिल राय सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

अपने संबोधन में कर्नल लोहामरोड़ ने भूतपूर्व सैनिक विकास समिति द्वारा किए गए महत्वपूर्ण प्रयासों की जानकारी देते हुए बताया कि राजस्थान देश का एकमात्र राज्य है, जहाँ नॉन-बैटल कैजुअल्टी के आश्रितों को सरकारी नौकरी देने का कानून लागू करवाने में सफलता मिली है। उन्होंने इसके लिए राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया। साथ ही REXO कर्मचारियों के मानदेय में 20 प्रतिशत वृद्धि के निर्णय के लिए मुख्यमंत्री एवं सैनिक कल्याण मंत्री का धन्यवाद किया। उन्होंने भारत सरकार द्वारा हाल ही में लिए गए एक महत्वपूर्ण निर्णय का भी उल्लेख किया, जिसमें शॉर्ट सर्विस कमीशन अधिकारियों एवं पेंशन से पूर्व सेवा समाप्त होने वाले सैनिकों को अब डिसेबिलिटी एलिमेंट के साथ-साथ डिसेबिलिटी पेंशन का लाभ देने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने इसे सैनिकों के हित में एक ऐतिहासिक कदम बताया।

कर्नल लोहामरोड़ ने कुलपति डॉ. अनिल राय के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि शेखावाटी क्षेत्र की वीरता परंपरा को ध्यान में रखते हुए यूनिवर्सिटी में नेशनल कैडेट कोर (NCC) को पाठ्यक्रम में शामिल करना तथा आगामी सत्र से डिफेंस स्टडीज़ विषय शुरू करना एक दूरदर्शी निर्णय है। इसके लिए उन्होंने राज्यपाल एवं कुलपति का आभार जताया और उम्मीद व्यक्त की कि इससे क्षेत्र के युवाओं को नई दिशा मिलेगी। इस अवसर पर कुलपति डॉ. अनिल राय ने कर्नल लोहामरोड़ का धन्यवाद करते हुए कहा कि डिफेंस स्टडीज़ विषय को प्रारंभ करने का श्रेय उनके प्रयासों को जाता है और आगामी सत्र से इसे लागू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा वीरांगनाओं एवं वीर माताओं के कल्याण हेतु निरंतर कार्य किए जा रहे हैं।

कुलपति ने JOREXO के माध्यम से कार्यरत 55 पूर्व सैनिक कर्मचारियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे विश्वविद्यालय में अनुशासन, राष्ट्रवाद और सेवा भाव का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं तथा संस्थान के एक मजबूत स्तंभ के रूप में अपनी भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने इन सभी कर्मचारियों एवं भारतीय सेना का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सैनिक न केवल सेवा काल में, बल्कि सेवा निवृत्ति के बाद भी समाज और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देते हैं, जो अत्यंत सराहनीय है।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित पूर्व सैनिकों ने जोरदार तालियों के साथ सरकार एवं भूतपूर्व सैनिक विकास समिति के प्रयासों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। यह कार्यक्रम पूर्व सैनिकों, विश्वविद्यालय प्रशासन और समाज के बीच समन्वय को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।