रिजल्ट जारी होने के बाद छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों में उत्साह का माहौल है। उपलक्ष्य गोयल की सफलता ने यह साबित कर दिया कि निरंतर मेहनत, अनुशासन और सही रणनीति के बल पर राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में भी शीर्ष स्थान प्राप्त किया जा सकता है।
उपलक्ष्य गोयल ने अपनी सफलता पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि वह पिछले एक वर्ष से पूरी गंभीरता के साथ NEET की तैयारी कर रहे थे। उन्होंने बताया कि उनका पहला लक्ष्य केवल मेडिकल कॉलेज में चयन सुनिश्चित करना था, लेकिन जब परिणाम आया और उन्हें ऑल इंडिया तीसरी रैंक मिलने की जानकारी मिली तो यह उनके लिए बेहद खुशी और गर्व का क्षण था। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय परिवार, शिक्षकों और नियमित अध्ययन को दिया।
जयपुर के अन्य विद्यार्थियों ने भी शानदार प्रदर्शन किया। अजय चौधरी ने ऑल इंडिया रैंक 144 हासिल की, जबकि देवेश सिंह गुर्जर ने 153वीं और दक्ष खंडेलवाल ने 154वीं रैंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। इसके अलावा भव्य यादव ने 319वीं, मूर्शा फिरोज ने 354वीं, लक्ष्य सिंघल ने 361वीं, पीयूष बंसल ने 617वीं, ईशान कटारिया ने 903वीं और विभोर ने 968वीं ऑल इंडिया रैंक हासिल की। इन विद्यार्थियों की सफलता ने जयपुर को देश के प्रमुख शैक्षणिक केंद्रों में एक बार फिर मजबूत पहचान दिलाई है।
देशभर में लाखों छात्रों के बीच हुई इस कड़ी प्रतिस्पर्धा में इतनी ऊंची रैंक हासिल करना आसान नहीं था। NEET UG 2026 में करीब 20 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे। इनमें से लगभग 11.21 लाख उम्मीदवार मेडिकल, डेंटल, आयुष और अन्य स्वास्थ्य विज्ञान पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए क्वालिफाई हुए हैं। परिणाम घोषित होने के बाद अब देशभर में मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू होगी। ऑल इंडिया कोटा और राज्य कोटा के तहत सरकारी एवं निजी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस, बीडीएस, बीएएमएस, बीएचएमएस और अन्य चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश इसी मेरिट सूची के आधार पर दिए जाएंगे।
इस वर्ष की परीक्षा कई मायनों में विशेष रही। पिछले कुछ वर्षों के मुकाबले इस बार परीक्षा अपेक्षाकृत कठिन मानी गई। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि साल 2020 और 2021 के बाद पहली बार ऐसा हुआ है जब कोई भी अभ्यर्थी 720 में से पूरे 720 अंक हासिल नहीं कर सका। इससे परीक्षा के स्तर और प्रतिस्पर्धा की गंभीरता का पता चलता है।
राष्ट्रीय स्तर पर इस वर्ष पंजाब के आर्यन गुप्ता और हरियाणा के पांशुल बंसल ने 715 अंक प्राप्त कर संयुक्त रूप से ऑल इंडिया टॉप किया है। दोनों विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए देशभर में पहला स्थान हासिल किया। एनटीए द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष 19 अभ्यर्थियों ने 700 से अधिक अंक प्राप्त किए हैं, जबकि 138 उम्मीदवारों ने 690 से ज्यादा अंक हासिल किए। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि शीर्ष रैंक के लिए प्रतिस्पर्धा बेहद कड़ी रही।
एनटीए की रिपोर्ट में कुछ और दिलचस्प तथ्य भी सामने आए हैं। परीक्षा में शीर्ष प्रदर्शन करने वाले 93 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थी ऐसे हैं जिन्होंने पहली बार NEET परीक्षा दी थी। इससे यह संकेत मिलता है कि सही तैयारी और आत्मविश्वास के साथ पहली कोशिश में भी बड़ी सफलता प्राप्त की जा सकती है। वहीं, टॉप रैंकर्स में 99 प्रतिशत उम्मीदवारों की आयु 17 से 19 वर्ष के बीच है।
इस बार छात्राओं का प्रदर्शन भी उल्लेखनीय रहा। परीक्षा में सफल कुल उम्मीदवारों में 58 प्रतिशत से अधिक छात्राएं हैं। इससे स्पष्ट है कि चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में बेटियां लगातार आगे बढ़ रही हैं और बड़ी संख्या में डॉक्टर बनने का सपना साकार कर रही हैं।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में राजस्थान, विशेषकर जयपुर के विद्यार्थियों का लगातार अच्छा प्रदर्शन राज्य की मजबूत शैक्षणिक संस्कृति और प्रतिस्पर्धी माहौल को दर्शाता है। पिछले कुछ वर्षों में जयपुर और कोटा जैसे शहर मेडिकल एवं इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के प्रमुख केंद्र बनकर उभरे हैं।
अब परिणाम घोषित होने के बाद सफल अभ्यर्थियों की नजर काउंसलिंग प्रक्रिया पर टिकी हुई है। उच्च रैंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी देश के प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश पाने की दौड़ में शामिल होंगे। वहीं, अन्य सफल अभ्यर्थी भी अपनी रैंक और पसंद के अनुसार मेडिकल, डेंटल और आयुष संस्थानों में दाखिले की प्रक्रिया पूरी करेंगे।
एनटीए ने सभी अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे अपना स्कोरकार्ड और अन्य आवश्यक दस्तावेज आधिकारिक वेबसाइट neet.nta.nic.in से डाउनलोड कर सुरक्षित रखें। आने वाले दिनों में काउंसलिंग की विस्तृत समय-सारिणी जारी की जाएगी, जिसके आधार पर सीट आवंटन की प्रक्रिया शुरू होगी।
कुल मिलाकर NEET UG 2026 का परिणाम जयपुर और राजस्थान के लिए गर्व का विषय बनकर सामने आया है। उपलक्ष्य गोयल समेत कई प्रतिभाशाली विद्यार्थियों की उपलब्धियों ने न केवल अपने परिवार और शिक्षकों का मान बढ़ाया है, बल्कि राज्य के हजारों छात्रों को भी प्रेरणा देने का काम किया है।