Rajasthan

जयपुर के स्कूल कैंटीन में फ्रोजन नॉनवेज मिला: बिना फूड लाइसेंस बन रहे थे बेकरी प्रोडक्ट्स, बच्चों को बेच रहे थे जंक फूड

भांकरोटा के धारव पब्लिक स्कूल में खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई; कैंटीन से वेज-नॉनवेज उत्पादों की सप्लाई का भी दावा, जानकी देवी पब्लिक स्कूल और मयूर स्कूल से लिए सैंपल

जयपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों ने स्कूलों की कैंटीनों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा की जांच के लिए कार्रवाई की। भांकरोटा स्थित धारव पब्लिक स्कूल (DPS) की कैंटीन में जांच के दौरान फ्रोजन नॉनवेज मिलने का मामला सामने आया। अधिकारियों के अनुसार, यहां विद्यार्थियों को मोमोज, पास्ता, नूडल्स, बर्गर और फ्रेंच फ्राइज जैसे खाद्य पदार्थ बेचे जा रहे थे। जांच के दौरान कैंटीन में नॉनवेज बेकरी प्रोडक्ट्स तैयार किए जाने की बात भी सामने आई।

खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने कैंटीन में रखे खाद्य पदार्थों, उन्हें तैयार करने की व्यवस्था और लाइसेंस से जुड़े दस्तावेजों की जांच की। अधिकारियों के मुताबिक, मौके पर कैंटीन का अलग से फूड लाइसेंस नहीं मिला। विभाग ने खाद्य सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर जांच की और अन्य स्कूलों की कैंटीनों से भी नमूने लेकर जांच के लिए भेजे।

स्कूल कैंटीन के डीप फ्रीजर में मिला फ्रोजन नॉनवेज

जांच के दौरान खाद्य सुरक्षा टीम को धारव पब्लिक स्कूल की कैंटीन के डीप फ्रीजर में काफी मात्रा में फ्रोजन नॉनवेज मिला। अधिकारियों के अनुसार, इसका इस्तेमाल नॉनवेज बेकरी प्रोडक्ट्स तैयार करने में किया जा रहा था। स्कूल कैंटीन में इस तरह के खाद्य पदार्थों को रखने और तैयार करने की अनुमति को लेकर भी सवाल उठे।

टीम ने कैंटीन में रखे खाद्य पदार्थों और उन्हें तैयार करने के तरीके का निरीक्षण किया। जांच में यह भी सामने आया कि कैंटीन में वेज और नॉनवेज प्रोडक्ट्स तैयार किए जा रहे थे। अधिकारियों के अनुसार, इन उत्पादों की सप्लाई कोस्टा कैफे के एयरपोर्ट और वर्ल्ड ट्रेड पार्क (WTP) स्थित आउटलेट्स पर भी की जा रही थी।

मौके पर अलग से फूड लाइसेंस नहीं मिलने की बात सामने आने के बाद खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर जांच की गई। खाद्य कारोबार करने वालों के लिए जरूरी है कि वे संबंधित नियमों और लाइसेंस संबंधी शर्तों का पालन करें। विभाग की कार्रवाई का उद्देश्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

विद्यार्थियों को बेचे जा रहे थे मोमोज, बर्गर और फ्रेंच फ्राइज

स्कूल कैंटीन में जांच के दौरान मोमोज, पास्ता, नूडल्स, बर्गर और फ्रेंच फ्राइज जैसे खाद्य पदार्थ भी मिले। ये खाद्य पदार्थ विद्यार्थियों को बेचे जा रहे थे। टीम ने कैंटीन में खाद्य सामग्री के रखरखाव और खाना तैयार करने की व्यवस्था का निरीक्षण किया।

स्कूलों की कैंटीन में बड़ी संख्या में विद्यार्थी रोजाना खाद्य पदार्थ खरीदते हैं। ऐसे में वहां साफ-सफाई, खाद्य सामग्री के सुरक्षित भंडारण और निर्धारित मानकों के अनुसार भोजन तैयार करने की व्यवस्था महत्वपूर्ण है। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों ने इसी तरह के मानकों की जांच के लिए कैंटीनों का निरीक्षण किया।

जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर विभाग आगे की कार्रवाई कर सकता है। हालांकि, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा से जुड़े निष्कर्षों के लिए जांच और संबंधित रिपोर्ट महत्वपूर्ण होंगी।

जानकी देवी पब्लिक स्कूल और मयूर स्कूल से लिए सैंपल

कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की एक अन्य टीम ने जानकी देवी पब्लिक स्कूल की कैंटीन से इस्तेमाल किए जा चुके कुकिंग ऑयल का नमूना लिया। वहीं, मयूर स्कूल की कैंटीन से दही का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया।

इन नमूनों की जांच से खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और निर्धारित मानकों के अनुरूप होने की स्थिति का पता चल सकेगा। रिपोर्ट आने के बाद विभाग नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई कर सकता है।

स्कूल कैंटीनों में खाद्य सुरक्षा पर निगरानी

स्कूलों की कैंटीनों में बच्चों को दिए जाने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग की निगरानी अहम है। खाद्य सामग्री का सही तरीके से भंडारण, साफ-सफाई, सुरक्षित तरीके से खाना तैयार करना और जरूरी लाइसेंस होना खाद्य कारोबार से जुड़े महत्वपूर्ण पहलू हैं।

जयपुर में की गई इस कार्रवाई के दौरान एक स्कूल की कैंटीन में फ्रोजन नॉनवेज मिलने और फूड लाइसेंस उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई, जबकि दो अन्य स्कूलों से खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए। अब नमूनों की जांच रिपोर्ट और विभागीय जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।