गंगाशहर थानाधिकारी गणेश बिश्नोई के अनुसार मृतकों की पहचान स्वरूपदेसर निवासी चंदाराम, तोलाराम और महेंद्र सिहाग के रूप में हुई है। तीनों आपस में चचेरे भाई थे और बीकानेर शहर में एक किराना दुकान पर काम करते थे। सोमवार रात दुकान बंद करने के बाद वे बाइक से अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान देर रात करीब एक बजे जोधपुर हाईवे पर उनकी बाइक को किसी अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी।
हादसे के समय सड़क पर सन्नाटा था और वहां कोई प्रत्यक्षदर्शी मौजूद नहीं था। कुछ समय बाद वहां से गुजर रहे एक राहगीर की नजर सड़क किनारे क्षतिग्रस्त बाइक और युवकों पर पड़ी। उसने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही गंगाशहर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों को संभालने का प्रयास किया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर बीकानेर के पीबीएम अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। घटना की सूचना मिलते ही मृतकों के परिजन और गांव के लोग बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंच गए। एक ही परिवार के तीन युवकों की मौत की खबर से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। गांव में भी मातम का माहौल है और हर कोई इस दर्दनाक हादसे से स्तब्ध है।
जानकारी के अनुसार तीनों युवक विवाहित थे और अपने परिवार के पालन-पोषण की जिम्मेदारी निभा रहे थे। अचानक हुए इस हादसे ने तीन परिवारों की खुशियां छीन लीं। ग्रामीणों ने प्रशासन से दोषी वाहन चालक को जल्द गिरफ्तार करने और पीड़ित परिवारों को उचित सहायता देने की मांग की है।
गंगाशहर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस हाईवे और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि टक्कर मारने वाले वाहन और उसके चालक की पहचान की जा सके। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपी वाहन चालक को चिन्हित कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण की आवश्यकता को उजागर कर दिया है।