Rajasthan

रिसॉर्ट में देर रात चल रही थी पार्टी, पुलिस पहुंची तो मचा हड़कंप; 7 थाई युवतियां पकड़ी गईं

जयपुर। राजधानी जयपुर में पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर एक लग्जरी रिसॉर्ट में चल रही कथित हाई-प्रोफाइल पार्टी पर छापा मारकर कई लोगों को हिरासत में लिया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार पुलिस की कार्रवाई में थाईलैंड की 7 विदेशी युवतियों, 3 स्थानीय युवकों और रिसॉर्ट मालिक को पकड़ा गया है। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है।

पुलिस की शुरुआती जांच में यह भी सामने आने की बात कही जा रही है कि हिरासत में ली गईं सातों विदेशी युवतियों के पास मौजूद पासपोर्ट और वीजा की वैधता समाप्त हो चुकी थी। ऐसे में पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वीजा की अवधि खत्म होने के बावजूद ये विदेशी नागरिक जयपुर में कब से रह रही थीं और उनके रहने की व्यवस्था किसने की थी।

गुप्त सूचना के बाद अचानक पहुंची पुलिस

पुलिस सूत्रों के मुताबिक जयपुर के आउटर इलाके में स्थित एक रिसॉर्ट में देर रात संदिग्ध गतिविधियों और पार्टी आयोजित किए जाने की सूचना मिली थी। सूचना मिलने के बाद पुलिस की विशेष टीम ने अचानक मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की।

पुलिस टीम ने रिसॉर्ट को घेर लिया और अंदर चल रही पार्टी की जांच शुरू की। पुलिस की कार्रवाई से वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। मौके से विदेशी युवतियों के साथ स्थानीय युवकों को भी हिरासत में लिया गया। रिसॉर्ट संचालक से भी पूछताछ शुरू की गई।

वीजा और पासपोर्ट की जांच में सामने आई गड़बड़ी

हिरासत में ली गईं थाईलैंड की सात युवतियों के यात्रा दस्तावेजों की जांच की गई। प्रारंभिक जांच में उनके वीजा की अवधि समाप्त होने की जानकारी सामने आने की बात कही जा रही है।

इसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों से संपर्क शुरू किया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ये युवतियां भारत कब आई थीं, उनका वीजा कब समाप्त हुआ और इसके बाद उन्होंने भारत में रहने के लिए कौन-सा कानूनी आधार इस्तेमाल किया।

विदेशी नागरिकों से जुड़े मामले में पुलिस संबंधित इमिग्रेशन अधिकारियों और अन्य एजेंसियों से भी जानकारी साझा कर सकती है।

संदिग्ध नशीले पदार्थ मिलने की भी जांच

पुलिस को पार्टी स्थल से संदिग्ध सामग्री और नशीले पदार्थ मिलने की भी जानकारी मिली है। हालांकि, बरामदगी और पदार्थ की वास्तविक प्रकृति की आधिकारिक पुष्टि जांच और संबंधित रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगी।

पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि अगर मौके पर प्रतिबंधित नशीले पदार्थ मिले हैं तो वे वहां तक कैसे पहुंचे और पार्टी का आयोजन किसके माध्यम से किया गया था।

मोबाइल और सोशल मीडिया चैट खंगाल रही पुलिस

पुलिस ने हिरासत में लिए गए स्थानीय युवकों और रिसॉर्ट संचालक से जुड़े मोबाइल फोन और डिजिटल गतिविधियों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस कॉल डिटेल रिकॉर्ड और सोशल मीडिया चैट के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पार्टी में शामिल लोगों का आपस में क्या संपर्क था।

जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि विदेशी युवतियों के जयपुर में ठहरने, आने-जाने और अन्य व्यवस्थाओं का जिम्मा किसके पास था। पुलिस इस पूरे नेटवर्क से जुड़े संभावित लोगों की जानकारी जुटा रही है।

रिसॉर्ट मालिक की भूमिका भी जांच के घेरे में

पुलिस ने रिसॉर्ट मालिक को भी हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। जांच एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि पार्टी के आयोजन की जानकारी रिसॉर्ट प्रबंधन को थी या नहीं और अगर थी तो वहां विदेशी नागरिकों के ठहरने तथा पार्टी के आयोजन को लेकर कौन-कौन से दस्तावेज और अनुमतियां मौजूद थीं।

पुलिस यह भी जांच करेगी कि रिसॉर्ट में आयोजित कार्यक्रम के लिए निर्धारित नियमों और लाइसेंस शर्तों का पालन किया गया था या नहीं।

बड़े नेटवर्क की आशंका, जांच जारी

पुलिस अधिकारियों को आशंका है कि मामला सिर्फ एक पार्टी तक सीमित हो सकता है या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क भी हो सकता है। हालांकि, किसी अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स या एस्कॉर्ट नेटवर्क की संलिप्तता की पुष्टि अभी जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

पुलिस विदेशी नागरिकों से पूछताछ के साथ-साथ उनके संपर्कों और जयपुर में रहने के ठिकानों की जानकारी भी जुटा रही है। जरूरत पड़ने पर संबंधित केंद्रीय और राज्य एजेंसियों की मदद ली जा सकती है।

फिलहाल पुलिस की कार्रवाई के बाद जयपुर के अन्य रिसॉर्ट और फार्महाउस भी जांच के दायरे में आ सकते हैं। पुलिस का कहना है कि संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी। मामले में आधिकारिक जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि रिसॉर्ट में चल रही पार्टी का वास्तविक स्वरूप क्या था और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ किन धाराओं में कार्रवाई की जाती है।