खाटूश्यामजी नगरपालिका चेयरमैन पद के चुनाव को लेकर पिछले कुछ दिनों से विवाद चल रहा था। मामला राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ तक पहुंचा था। कोर्ट ने 24 सितंबर को वार्ड 11 की पार्षद और अध्यक्ष पद की प्रत्याशी विनीता पूनिया की याचिका पर सुनवाई की थी। इसके बाद 25 सितंबर को प्रस्तावित पुनर्मतदान को निरस्त कर दिया गया।
कोर्ट ने 21 सितंबर को मतदान अवधि के दौरान डाले गए 19 मतों की गिनती कर अध्यक्ष पद का परिणाम घोषित करने के निर्देश दिए थे। इसी आदेश की पालना में शनिवार को मतगणना की प्रक्रिया शुरू की गई।
शनिवार सुबह मतगणना से पहले स्ट्रांग रूम से मतपेटी को बाहर निकाला गया। RO कपिल उपाध्याय, ASP दीपक गर्ग, DYSP राजे-कुमार जांगिड़ सहित पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में मतपेटी को नगरपालिका कार्यालय लाया गया।
इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। कांग्रेस प्रत्याशी विनीता पूनिया भी मौके पर मौजूद रहीं। हालांकि भाजपा प्रत्याशी प्रेम देवी मतपेटी निकालने और मतगणना की प्रक्रिया के दौरान मौके पर नहीं पहुंचीं।
सुबह करीब 10 बजे 19 मतों की गिनती शुरू की गई। मतगणना पूरी होने के बाद परिणाम सामने आया तो कांग्रेस प्रत्याशी विनीता पूनिया के पक्ष में 10 वोट मिले, जबकि भाजपा प्रत्याशी प्रेम देवी को 9 वोट प्राप्त हुए। इस तरह विनीता पूनिया ने महज एक वोट के अंतर से जीत दर्ज कर ली।
विनीता पूनिया के चेयरमैन बनने की घोषणा होते ही कांग्रेस समर्थकों और उनके समर्थक पार्षदों में खुशी का माहौल बन गया। एक वोट के अंतर से मिली जीत के बाद समर्थकों ने इसे महत्वपूर्ण जीत बताया।
चुनाव परिणाम इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि खाटूश्यामजी नगरपालिका के अध्यक्ष पद का फैसला सिर्फ 19 मतों की गिनती से हुआ। हाईकोर्ट के आदेश के बाद पुनर्मतदान की संभावना समाप्त हो गई और पहले से डाले गए वोटों की गिनती के आधार पर ही परिणाम घोषित किया गया।
खाटूश्यामजी नगरपालिका में कुल 20 पार्षदों का बोर्ड है। इसमें भाजपा के 8, कांग्रेस के 8, तीन निर्दलीय और एक आरएलपी पार्षद शामिल हैं। अध्यक्ष पद के लिए 21 सितंबर को मतदान कराया गया था।
कुल 20 पार्षदों में से 19 पार्षदों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था। वार्ड 10 की कांग्रेस पार्षद लक्ष्मी मतदान के लिए नहीं पहुंची थीं। उनके पति हरलाल की शिकायत के बाद पुलिस ने लक्ष्मी देवी को दस्तयाब किया था।
मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद 19 मतों वाली मतपेटी को सील कर सुरक्षित स्ट्रांग रूम में रख दिया गया था। इसके बाद चुनाव प्रक्रिया को लेकर मामला अदालत तक पहुंचा और पुनर्मतदान की स्थिति बनी थी।
राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश के बाद 25 सितंबर को प्रस्तावित पुनर्मतदान नहीं हुआ। कोर्ट ने 21 सितंबर को डाले गए सभी 19 मतों की गिनती कर परिणाम घोषित करने के निर्देश दिए थे। शनिवार को इसी आदेश के तहत मतपेटी खोली गई और मतों की गणना पूरी की गई।
गिनती में कांग्रेस प्रत्याशी विनीता पूनिया को 10 और भाजपा प्रत्याशी प्रेम देवी को 9 वोट मिले। इस तरह किसी नए मतदान के बिना ही 21 सितंबर को डाले गए मतों के आधार पर अध्यक्ष पद का फैसला हो गया।
विनीता पूनिया के चेयरमैन बनने के साथ ही खाटूश्यामजी नगरपालिका में अध्यक्ष पद को लेकर चल रही चुनावी प्रक्रिया भी पूरी हो गई। अब एक वोट के अंतर से मिली इस जीत के बाद नगरपालिका की नई अध्यक्ष के सामने शहर के विकास और स्थानीय मुद्दों को लेकर काम करने की जिम्मेदारी होगी।