वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। राजस्थान कांग्रेस ने इस क्लिप को अपने सोशल मीडिया हैंडल्स पर शेयर करते हुए भाजपा और राज्य सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह टिप्पणी स्थानीय निकायों को लेकर भाजपा की कथित सोच पर सवाल खड़े करती है।
दूसरी ओर, स्थानीय भाजपा नेताओं और समर्थकों का कहना है कि चंकी शाह ने यह बात चुनाव जीतने के बाद खुशी और हंसी-मजाक के माहौल में कही थी। उनका दावा है कि महज 15 सेकंड की क्लिप को संदर्भ से काटकर राजनीतिक विवाद खड़ा किया जा रहा है।
फिलहाल वीडियो की मंशा और पूरे संदर्भ को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी इसको लेकर बहस जारी है।
बांसवाड़ा नगर परिषद में उपसभापति पद के लिए 22 सितंबर को मतदान हुआ था। 60 वार्डों वाली परिषद में भाजपा ने चंकी शाह को प्रत्याशी बनाया था, जबकि कांग्रेस की ओर से वार्ड नंबर 57 के पार्षद फखरुद्दीन रतलामवाला चुनाव मैदान में थे।
मतदान में चंकी शाह को 37 वोट मिले, जबकि फखरुद्दीन को 23 वोट मिले। इस तरह उन्होंने 14 वोटों के अंतर से उपसभापति का चुनाव जीत लिया।
39 वर्षीय चंकी शाह ने 2013 में भाजपा की प्राथमिक सदस्यता लेकर सक्रिय राजनीति शुरू की थी। 2014 में वे पहली बार पार्षद चुने गए। इसके बाद 2015 में युवा मोर्चा नगर मंडल अध्यक्ष और 2017 में युवा मोर्चा जिला उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली।
2019 के निकाय चुनाव में वे वार्ड नंबर 29 से दूसरी बार पार्षद चुने गए। 2021 में उन्हें नगर निकाय प्रकोष्ठ का जिला संयोजक बनाया गया।
सितंबर 2026 के निकाय चुनाव में उन्होंने वार्ड नंबर 37 से चुनाव लड़ते हुए अपने निकटतम कांग्रेस प्रत्याशी को 756 वोटों के अंतर से हराया। अब उपसभापति चुनाव में जीत के बाद सामने आए वायरल वीडियो ने उनकी जीत के जश्न को राजनीतिक विवाद में बदल दिया है। कांग्रेस और भाजपा समर्थक इस बयान को लेकर अलग-अलग दावे कर रहे हैं।