मतदान समाप्त होने के बाद प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रखने की चर्चाओं के बीच बुधवार रात एक ऐसा घटनाक्रम सामने आया, जिसने राजनीतिक माहौल को और गर्मा दिया। कांग्रेस प्रत्याशी पारसमल माली को कथित रूप से उठाकर ले जाने की कोशिश की गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें सुरक्षित अपने साथ ले गई। इस घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
जानकारी के अनुसार बुधवार रात करीब साढ़े आठ बजे शहर के बेरियों का बास क्षेत्र में वार्ड नंबर 48 के कांग्रेस प्रत्याशी पारसमल माली को कुछ लोगों द्वारा जबरन अपने साथ ले जाने का प्रयास किया गया। घटना की जानकारी मिलते ही उनके समर्थक बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए।
इसी दौरान कोतवाली थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने पारसमल माली को अपने संरक्षण में लिया और वहां से सुरक्षित स्थान पर ले गई। घटना के दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया और प्रत्याशी के समर्थकों तथा पुलिस के बीच तीखी बहस भी हुई।
मौके पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नितेश आर्य सहित अन्य अधिकारी पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। कुछ समय के लिए वहां तनाव का माहौल बना रहा, लेकिन पुलिस की मौजूदगी से स्थिति संभाल ली गई।
एएसपी नितेश आर्य ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि कांग्रेस प्रत्याशी को जबरन साथ ले जाने का प्रयास किया जा रहा है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने देखा कि पारसमल माली एक कार में बैठे हुए थे। पुलिस ने उन्हें कार से बाहर निकालकर सुरक्षा प्रदान की।
घटनास्थल पर हंगामे की स्थिति बनने के बाद पुलिस ने दो युवकों को हिरासत में लिया। साथ ही जिस कार में प्रत्याशी को बैठाया गया था, उसे भी जब्त कर लिया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि पुलिस ने मामले की जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बचने की बात कही है।
नगर परिषद चुनाव में इस बार कई वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशियों ने मुकाबले को रोचक बना दिया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनाव परिणाम आने के बाद परिषद में बहुमत का गणित तय करने में निर्दलीयों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।
यही कारण है कि मतदान समाप्त होते ही दोनों प्रमुख दल अपने-अपने प्रत्याशियों के साथ संपर्क बनाए रखने और संभावित समर्थन जुटाने में सक्रिय हो गए हैं। राजनीतिक दलों को आशंका है कि परिणाम से पहले या बाद में जोड़-तोड़ की राजनीति तेज हो सकती है।
सूत्रों के अनुसार कांग्रेस खेमे में प्रत्याशियों की अलग-अलग स्तर पर बाड़ेबंदी किए जाने की चर्चाएं हैं। बताया जा रहा है कि पार्टी के दो गुट अपने-अपने समर्थित प्रत्याशियों को एकजुट रखने की कोशिश में लगे हुए हैं।
वहीं कुछ प्रत्याशियों के सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आने की खबरों ने भी राजनीतिक हलकों में चर्चाओं को हवा दे दी है। हालांकि कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सभी प्रत्याशी संपर्क में हैं और पार्टी पूरी तरह संगठित है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष लक्ष्मणसिंह गोदारा सहित कई वरिष्ठ नेता लगातार प्रत्याशियों से संपर्क बनाए हुए हैं। पार्टी का दावा है कि उसके सभी उम्मीदवार एकजुट हैं और परिणाम आने के बाद कांग्रेस मजबूत स्थिति में नजर आएगी।
मतदान संपन्न होने के बाद अब सभी की नजर मतगणना और चुनाव परिणाम पर टिकी है। लेकिन उससे पहले बाड़ेबंदी, संपर्क अभियान और राजनीतिक गतिविधियों ने माहौल को और अधिक दिलचस्प बना दिया है।
बाड़मेर नगर परिषद में सत्ता किसके हाथ में जाएगी, इसका फैसला मतगणना के दिन होगा, लेकिन फिलहाल राजनीतिक दल अपने-अपने समीकरण मजबूत करने में जुटे हुए हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में बाड़मेर की राजनीति में और भी दिलचस्प घटनाक्रम देखने को मिल सकते हैं।