जयपुर। जयपुर सेंट्रल जेल में बहरोड़ के पूर्व विधायक बलजीत यादव के पास मोबाइल मिलने के मामले ने नया राजनीतिक मोड़ ले लिया है। जेल प्रशासन की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे के बाद अब बलजीत यादव ने आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए जेल के अंदर ही अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है। उन्होंने दावा किया है कि उनके खिलाफ दर्ज किया गया मामला पूरी तरह झूठा, बेबुनियाद और राजनीतिक दबाव में की गई कार्रवाई का हिस्सा है।
पूर्व विधायक ने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि 9 सितंबर को जिस मोबाइल फोन को लेकर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया, उससे उनका कोई संबंध नहीं है। उनका कहना है कि न तो उस दिन उनकी तलाशी ली गई और न ही उनके बैरक की कोई जांच हुई। इसके बावजूद उनका नाम मामले में जोड़ दिया गया।
इस बीच बहरोड़ के तसींग गांव के निवर्तमान सरपंच प्रतिनिधि और ‘टीम बलजीत यादव’ के प्रवक्ता संदीप यादव ने जेल में जाकर उनसे मुलाकात की। मुलाकात के बाद संदीप यादव ने बताया कि बलजीत यादव ने पूरे घटनाक्रम को राजनीतिक साजिश करार दिया है। उनका आरोप है कि कुछ प्रभावशाली लोगों के दबाव में जेल प्रशासन ने उनकी छवि खराब करने के उद्देश्य से एफआईआर दर्ज करवाई है।
बलजीत यादव के अनुसार जिस समय मोबाइल मिलने का दावा किया जा रहा है, उस समय वे जेल के डॉक्टर करण के पास अपना ब्लड प्रेशर और शुगर जांच कराने गए हुए थे। उन्होंने कहा कि संबंधित मोबाइल फोन वार्ड नंबर-5 के पीछे स्थित एक सार्वजनिक शौचालय के पास लावारिस हालत में पड़ा मिला था। इसके बावजूद बिना किसी ठोस साक्ष्य के उनका नाम मामले में जोड़ दिया गया।
मामले को लेकर संदीप यादव ने राजस्थान पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को पत्र लिखकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। पत्र में चार प्रमुख मांगें रखी गई हैं। इनमें जेल परिसर, अस्पताल मार्ग और शौचालय क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज की जांच, घटना के समय बलजीत यादव की लोकेशन का सत्यापन, अन्य बंदियों के बयान दर्ज करना तथा दर्ज एफआईआर संख्या 0191/2026 की निष्पक्ष जांच शामिल है।
समर्थकों का कहना है कि यदि सीसीटीवी फुटेज की जांच कराई जाए तो पूरी सच्चाई सामने आ सकती है। उनका दावा है कि फुटेज से यह स्पष्ट हो जाएगा कि घटना के समय पूर्व विधायक अस्पताल क्षेत्र में मौजूद थे और उनका मोबाइल से कोई संबंध नहीं था।
भूख हड़ताल शुरू होने के बाद जेल प्रशासन की चिंता भी बढ़ गई है। बलजीत यादव पहले भी अपने विरोध के अनोखे तरीकों को लेकर चर्चा में रहे हैं। ऐसे में जेल के भीतर उनका अनशन प्रशासन के लिए नई चुनौती बन गया है। बताया जा रहा है कि उन्होंने लिखित रूप से जेल प्रशासन को अपनी भूख हड़ताल की सूचना भी दे दी है।
संदीप यादव ने कहा कि बलजीत यादव ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक मामले की निष्पक्ष जांच शुरू नहीं होती और सच्चाई सामने नहीं आती, तब तक वे अपना अनशन समाप्त नहीं करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि आवश्यक हुआ तो समर्थक भी लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेंगे।
राजस्थान में निकाय चुनाव के नतीजों से ठीक पहले सामने आए इस विवाद ने राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज कर दी है। बहरोड़ और आसपास के क्षेत्रों में बलजीत यादव के समर्थकों में नाराजगी देखी जा रही है। समर्थकों का आरोप है कि जनता और युवाओं के मुद्दों को उठाने के कारण उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।
फिलहाल पूरे मामले में सभी की नजरें राजस्थान पुलिस, जेल प्रशासन और जांच एजेंसियों के अगले कदम पर टिकी हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच के बाद इस विवाद की सच्चाई क्या सामने आती है।