Rajasthan

पूर्व विधायक संयम लोढ़ा को फिर जान से मारने की धमकी, विदेशी नंबर से 3 बार आया कॉल; सुरक्षा बढ़ाई

सिरोही। कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक संयम लोढ़ा को जान से मारने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है। आरोप है कि 11 अक्टूबर को उन्हें विदेशी नंबरों से तीन बार कॉल किए गए। फोन करने वाले ने खुद को गैंगस्टर आरजू विश्नोई बताते हुए कथित तौर पर ऑडियो मैसेज के जरिए जान से मारने की धमकी दी। मामले में लोढ़ा की ओर से सुमेरपुर सदर थाने में एफआईआर दर्ज करवाई गई है। धमकी के बाद पुलिस ने उनकी सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है। उन्हें एस्कॉर्ट भी उपलब्ध करवाया गया है।

पूर्व विधायक को धमकी मिलने की घटना ऐसे समय सामने आई है, जब करीब 20 दिन पहले उन्हें निशाना बनाने की कथित साजिश का मामला चर्चा में आया था। उस प्रकरण की जांच में भी गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़े लोगों की भूमिका सामने आने की बात कही गई थी। अब दोबारा धमकी मिलने के बाद पुलिस कॉल करने वालों की पहचान और उनके पीछे मौजूद लोगों का पता लगाने में जुटी है।

एक ही दिन में तीन बार आए धमकी भरे कॉल

सूत्रों के अनुसार, संयम लोढ़ा को 11 अक्टूबर को दिन में तीन बार विदेशी नंबरों से फोन आए। कॉल करने वाले ने कथित तौर पर खुद को लॉरेंस बिश्नोई का भाई आरजू बताते हुए ऑडियो मैसेज के जरिए जान से मारने की धमकी दी।

लगातार तीन कॉल आने के बाद मामले को गंभीरता से लिया गया। लोढ़ा की ओर से सुमेरपुर सदर थाने में शिकायत दर्ज करवाई गई है। पुलिस अब कॉल से जुड़े तकनीकी साक्ष्यों, नंबरों और ऑडियो मैसेज की जांच कर रही है।

जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कॉल वास्तव में कहां से किए गए थे, फोन करने वाला कौन था और क्या इस मामले का किसी संगठित गिरोह से संबंध है। फिलहाल धमकी देने वाले की पहचान और उसके दावों की स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

धमकी के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी

धमकी मिलने के बाद पुलिस ने पूर्व विधायक की सुरक्षा बढ़ा दी है। जानकारी के अनुसार, उन्हें एस्कॉर्ट भी उपलब्ध करवाया गया है। पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर रही है।

राजनीतिक रूप से सक्रिय पूर्व विधायक को मिली धमकी के बाद उनके समर्थकों और स्थानीय राजनीतिक हलकों में भी चिंता देखी जा रही है। हालांकि, धमकी के पीछे की वास्तविक वजह और आरोपियों की मंशा के बारे में अभी कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

पहले भी सामने आई थी निशाना बनाने की कथित साजिश

करीब 20 दिन पहले संयम लोढ़ा को निशाना बनाने की कथित साजिश का मामला सामने आया था। उस समय राजस्थान पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) और अन्य पुलिस इकाइयों की जांच में विदेश में बैठे आरजू विश्नोई गैंग से कथित कनेक्शन सामने आने की जानकारी दी गई थी।

जांच के दौरान हरियाणा के साहिल का नाम भी सामने आया था। आरोप था कि लोढ़ा को निशाना बनाने की जिम्मेदारी उसे सौंपी गई थी। पुलिस ने इस कथित साजिश में शामिल लोगों, उनके संपर्कों और शूटरों की भूमिका की पड़ताल की थी।

पूर्व में सामने आए मामले में लोढ़ा की गतिविधियों पर नजर रखने और कथित साजिश को अंजाम देने के लिए शूटरों की मदद लेने जैसे पहलुओं की जांच की गई थी। शूटरों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने अन्य संदिग्धों की भूमिका और उनके संपर्कों के बारे में भी जानकारी जुटाई थी।

सिरोही में रेकी और होटल में ठहरने की जानकारी

पिछले मामले की जांच के दौरान सामने आया था कि संदिग्ध शूटरों ने शिवगंज के समीप पालड़ी जोड़ स्थित लोढ़ा के फार्म हाउस और उनकी गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाने के लिए कथित तौर पर रेकी की थी।

सिरोही के एक होटल में शूटरों के ठहरने की जानकारी भी सामने आई थी। होटल के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के आधार पर पुलिस ने संदिग्धों की गतिविधियों की जांच की थी। जांच में स्थानीय स्तर पर मदद लेने और अलग-अलग स्थानों पर संपर्क करने के पहलुओं को भी शामिल किया गया था।

पुलिस ने उस प्रकरण में यह पता लगाने का प्रयास किया था कि कथित साजिश के पीछे कौन लोग थे और लोढ़ा को निशाना बनाने की योजना किस तरह तैयार की गई थी।

पाली में झाड़ियों से मिले थे हथियार

पूर्व विधायक को निशाना बनाने की कथित साजिश की जांच के दौरान पाली जिले के ढोला गांव के पास हाईवे से करीब 200 मीटर दूर झाड़ियों में छिपाकर रखे गए हथियार बरामद होने की जानकारी भी सामने आई थी। इनमें विदेशी हथियार और कारतूस शामिल बताए गए थे।

अब नए धमकी प्रकरण में पुलिस पुराने मामले से जुड़े तथ्यों और हालिया कॉल के बीच किसी संभावित संबंध की भी पड़ताल कर सकती है। हालांकि, दोनों घटनाओं के बीच सीधा संबंध होने की पुष्टि अभी नहीं हुई है।

फिलहाल पुलिस के सामने सबसे अहम सवाल यही हैं कि विदेशी नंबरों से धमकी किसने दी, धमकी देने वाले का आरजू विश्नोई से वास्तव में कोई संबंध है या नहीं और क्या इस घटना का पहले सामने आई कथित साजिश से कोई जुड़ाव है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।