Leader of the Opposition Rahul Gandhi
राहुल गांधी ने छात्रों और युवाओं से अपील की कि यदि उन्हें पुलिस की कथित बर्बरता या गैरकानूनी हिरासत का सामना करना पड़े, तो वे घटना से जुड़े सभी सबूत सुरक्षित रखें। उन्होंने वीडियो और तस्वीरों को संभालकर रखने पर जोर दिया और कहा कि ये सबूत आगे चलकर कार्रवाई की मांग के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
राहुल गांधी ने छात्रों और युवाओं से कहा कि प्रदर्शन के दौरान यदि उनके साथ कोई गलत व्यवहार होता है, तो वे घटना का पूरा रिकॉर्ड रखें। उन्होंने वीडियो बनाने, तस्वीरें सुरक्षित रखने और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को संभालकर रखने की अपील की।
उन्होंने कहा कि छात्रों को अपने साथ हुई घटनाओं के सबूत साझा करने चाहिए, ताकि जरूरत पड़ने पर उनके आधार पर कार्रवाई की मांग की जा सके। राहुल गांधी के मुताबिक, इन सबूतों का इस्तेमाल मामले के सामने आने और जिम्मेदारी तय करने के लिए किया जाएगा।
राहुल गांधी ने पुलिसकर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि वह उनसे दिल से और प्यार के साथ एक बात कहना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने छात्रों से पुलिस कार्रवाई के दौरान वीडियो बनाने और सभी सबूत सुरक्षित रखने की अपील की है।
राहुल गांधी ने छात्रों से कहा कि वे घटना से जुड़े वीडियो और अन्य सबूत उन्हें भी भेजें। उन्होंने कहा कि जब पूरा मामला खत्म होगा, तब इन सबूतों के आधार पर उन लोगों को जवाबदेह ठहराने की कोशिश की जाएगी, जिनके खिलाफ कार्रवाई बनती है।
कांग्रेस नेता ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन को नागरिकों का अधिकार बताते हुए कहा कि किसी को भी यह अधिकार छीनने नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतंत्र की आवाज को दबाने की कोशिश हो रही है।
राहुल गांधी ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में नागरिकों को अपनी बात रखने और सरकार से सवाल पूछने का अधिकार है। उन्होंने युवाओं से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और किसी भी कथित ज्यादती के मामले में सबूत सुरक्षित रखने की अपील की।
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का नाम लेते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति जवाबदेही से ऊपर नहीं है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की आवाज दबाने के लिए जिम्मेदार लोगों को न्याय का सामना करना पड़ेगा।
राहुल गांधी के इस बयान के बाद पुलिस कार्रवाई, प्रदर्शनकारियों के अधिकारों और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है। हालांकि, पुलिस कार्रवाई से जुड़े आरोपों और संबंधित घटनाओं की पुष्टि जांच तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही की जा सकेगी।