Rajasthan

जयपुर जिला परिषद चुनाव: कांग्रेस ने 58 में से 56 वार्डों पर घोषित किए उम्मीदवार, मोहन डागर और यशवीर शूरा को टिकट

पंचायती राज चुनाव के नामांकन के आखिरी दिन कांग्रेस ने जारी की प्रत्याशियों की सूची; दो वार्डों पर अब भी फैसला बाकी, पार्टी ने युवा और अनुभवी चेहरों पर जताया भरोसा

राजस्थान में पंचायती राज और स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। नामांकन की अंतिम तिथि पर कांग्रेस ने जयपुर जिला परिषद सदस्य पद के लिए अपने अधिकृत प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी। पार्टी ने जिला परिषद के कुल 58 वार्डों में से 56 वार्डों पर उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया है। शेष दो वार्डों में प्रत्याशियों के नामों को लेकर फैसला नहीं हो सका है। सूची जारी होने के बाद पार्टी स्तर पर उम्मीदवारों को चुनाव चिह्न आवंटित करने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई।

नामांकन के आखिरी दिन उम्मीदवारों और उनके समर्थकों के बीच खासा उत्साह देखने को मिला। प्रत्याशी नामांकन की औपचारिकताएं पूरी करने में जुटे रहे। कांग्रेस ने टिकट वितरण में स्थानीय राजनीतिक समीकरणों, संगठन में सक्रियता और सामाजिक प्रतिनिधित्व जैसे पहलुओं को ध्यान में रखा है। हालांकि, दो वार्डों में नामों की घोषणा नहीं होने से स्थानीय स्तर पर टिकट को लेकर चर्चा बनी हुई है।

मोहन डागर को वार्ड नंबर 12 से टिकट

कांग्रेस ने जयपुर जिला परिषद के वार्ड नंबर 12 से मोहन डागर को अपना अधिकृत उम्मीदवार बनाया है। डागर राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश महासचिव हैं। इससे पहले वे जयपुर ग्रामीण युवा कांग्रेस के अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। संगठन में लंबे समय से सक्रिय रहने के साथ ही वे जिला परिषद की राजनीति में भी भूमिका निभाते रहे हैं।

मोहन डागर वर्तमान में जयपुर जिला परिषद के निवर्तमान उप जिला प्रमुख हैं। वर्ष 2021 के पंचायत चुनावों में उन्होंने भाजपा प्रत्याशी को हराकर उप जिला प्रमुख का पद हासिल किया था। अब कांग्रेस ने उन्हें एक बार फिर जिला परिषद सदस्य पद के चुनाव में उतारा है।

वार्ड नंबर 12 आमेर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है। ऐसे में इस सीट पर डागर की उम्मीदवारी को स्थानीय राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, चुनाव में मुकाबले की स्थिति नामांकन प्रक्रिया पूरी होने और अन्य प्रत्याशियों की तस्वीर स्पष्ट होने के बाद ही सामने आएगी।

यशवीर शूरा को वार्ड नंबर 28 से मौका

कांग्रेस ने वार्ड नंबर 28 से यशवीर शूरा को जिला परिषद सदस्य पद का टिकट दिया है। शूरा छात्र राजनीति और युवा कांग्रेस के संगठनात्मक कार्यों से जुड़े रहे हैं। वे राजस्थान यूथ कांग्रेस के पूर्व कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश उपाध्यक्ष रह चुके हैं।

युवा कांग्रेस में करीब एक दशक तक विभिन्न संगठनात्मक जिम्मेदारियां निभाने के कारण उन्हें पार्टी के युवा नेताओं में गिना जाता है। वार्ड नंबर 28 से उनकी उम्मीदवारी के जरिए कांग्रेस ने संगठन से जुड़े युवा चेहरे को चुनाव मैदान में उतारा है।

शूरा को टिकट दिए जाने के बाद वार्ड में चुनावी गतिविधियां तेज होने की संभावना है। अब उम्मीदवारों के सामने नामांकन प्रक्रिया पूरी करने के साथ मतदाताओं तक पहुंचने और स्थानीय मुद्दों को उठाने की चुनौती होगी।

56 वार्डों में उम्मीदवार घोषित, दो सीटों पर इंतजार

जयपुर जिला परिषद में कुल 58 वार्ड हैं। कांग्रेस ने इनमें से 56 वार्डों पर अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं। दो वार्डों पर प्रत्याशियों के नामों की घोषणा नहीं होने के कारण पार्टी की सूची फिलहाल अधूरी है। स्थानीय स्तर पर नेताओं के बीच सहमति नहीं बनने को इसकी वजह बताया जा रहा है।

नामांकन की अंतिम तिथि होने के कारण इन सीटों पर फैसला पार्टी के लिए महत्वपूर्ण हो गया है। उम्मीदवारों की घोषणा और चुनाव चिह्न आवंटन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रत्याशी औपचारिक रूप से प्रचार अभियान पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।

टिकट वितरण के बाद चुनावी हलचल तेज

जिला परिषद चुनावों में उम्मीदवारों का चयन राजनीतिक दलों के लिए अहम माना जाता है, क्योंकि इन चुनावों में स्थानीय नेतृत्व, ग्रामीण क्षेत्र के मुद्दे और संगठन की सक्रियता महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कांग्रेस की सूची जारी होने के बाद अब पार्टी के उम्मीदवारों का ध्यान चुनाव प्रचार और मतदाताओं से संपर्क बढ़ाने पर रहेगा।

मोहन डागर और यशवीर शूरा जैसे संगठनात्मक पृष्ठभूमि वाले नेताओं को टिकट मिलने से जयपुर जिला परिषद चुनाव में कांग्रेस की रणनीति को लेकर चर्चा तेज हुई है। वहीं, दो वार्डों पर प्रत्याशियों के नाम घोषित होना अभी बाकी है। इन सीटों पर अंतिम निर्णय के बाद कांग्रेस की पूरी चुनावी तस्वीर स्पष्ट होगी।

आगामी चुनाव में सड़क, पेयजल, सफाई, ग्रामीण विकास और स्थानीय सुविधाओं जैसे मुद्दे उम्मीदवारों के प्रचार में प्रमुखता से उठ सकते हैं। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद विभिन्न वार्डों में मुकाबले का स्वरूप क्या बनता है और उम्मीदवार अपने-अपने क्षेत्रों में मतदाताओं तक किस तरह पहुंचते हैं।