Rajasthan

थर्ड जेंडर प्रत्याशी पर टिप्पणी से बढ़ा विवाद, पूर्व मंत्री परसादी लाल मीणा को निर्वाचन अधिकारी का नोटिस

दौसा। राजस्थान के दौसा जिले की लालसोट नगर परिषद चुनाव में एक विवादित बयान ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता परसादी लाल मीणा द्वारा भाजपा की थर्ड जेंडर प्रत्याशी मीनू किन्नर को लेकर की गई टिप्पणी अब चुनावी और राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गई है। सोशल मीडिया पर बयान का वीडियो वायरल होने के बाद निर्वाचन विभाग ने मामले का संज्ञान लिया है और पूर्व मंत्री को आदर्श आचार संहिता उल्लंघन के आरोप में नोटिस जारी किया है।

रिटर्निंग अधिकारी विजेन्द्र कुमार मीना ने पूर्व मंत्री को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने और स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित समय में जवाब नहीं देने पर नियमानुसार एकतरफा कार्रवाई की जा सकती है। निर्वाचन विभाग द्वारा उठाए गए इस कदम के बाद चुनावी माहौल में नई चर्चा शुरू हो गई है।

चुनावी सभा में दिया गया था बयान

जानकारी के अनुसार लालसोट नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड नंबर 1 में कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन में आयोजित एक चुनावी सभा के दौरान पूर्व मंत्री परसादी लाल मीणा ने वार्ड नंबर 34 से भाजपा प्रत्याशी मीनू किन्नर को लेकर विवादित टिप्पणी की थी।

सभा में संबोधन के दौरान उन्होंने कहा था कि यदि मीनू किन्नर चुनाव जीत जाती हैं तो यह लालसोट के लिए कलंक साबित होगा और वार्ड की पहचान किन्नर के रूप में होने लगेगी। उन्होंने मतदाताओं से अपील करते हुए मीनू को वोट नहीं देने की बात कही थी।

इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी कहा कि किन्नर समाज का कार्य लोगों को आशीर्वाद देना और सामाजिक भूमिका निभाना है, चुनाव लड़ना नहीं। उन्होंने मीनू किन्नर से चुनाव मैदान से हटने की अपील भी की थी। यह बयान सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसकी व्यापक चर्चा शुरू हो गई।

हॉट सीट बना वार्ड नंबर 34

लालसोट नगर परिषद का वार्ड नंबर 34 पहले से ही चर्चा में था। भाजपा ने इस वार्ड से मीनू किन्नर को प्रत्याशी बनाकर चुनावी मुकाबले को रोचक बना दिया था। थर्ड जेंडर समुदाय से आने वाली मीनू किन्नर को टिकट दिए जाने को भाजपा सामाजिक समावेशन और प्रतिनिधित्व की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बता रही है।

चुनाव प्रचार के दौरान भी मीनू किन्नर को स्थानीय लोगों का अच्छा समर्थन मिलने की चर्चाएं रही हैं। यही वजह है कि यह वार्ड नगर परिषद चुनाव की सबसे चर्चित सीटों में शामिल हो गया।

मीनू किन्नर का भावुक जवाब

पूर्व मंत्री के बयान के बाद मीनू किन्नर ने भी वीडियो जारी कर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने भावुक अंदाज में कहा कि थर्ड जेंडर के रूप में जन्म लेना उनका अपराध नहीं है।

उन्होंने कहा, “किन्नर पैदा होने में मेरा क्या कसूर है? मैं भी एक इंसान हूं और लोकतंत्र में चुनाव लड़ना हर नागरिक का अधिकार है।”

मीनू ने कहा कि समाज के लोगों ने उन्हें हमेशा प्यार और सम्मान दिया है। उन्होंने हाथ जोड़कर अपील की कि किसी भी व्यक्ति को उसकी पहचान या जन्म के आधार पर अपमानित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पूरी बस्ती और क्षेत्र के लोग उनके परिवार की तरह हैं और वे जनता की सेवा के उद्देश्य से चुनाव लड़ रही हैं।

उनकी इस प्रतिक्रिया को सोशल मीडिया पर काफी समर्थन मिला और कई लोगों ने इसे संवेदनशील तथा लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप बताया।

विधायक रामविलास मीणा ने की निंदा

इस विवाद में लालसोट विधायक रामविलास मीणा भी खुलकर सामने आए। उन्होंने पूर्व मंत्री के बयान की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति को उसकी पहचान के आधार पर अपमानित करना उचित नहीं है।

उन्होंने कहा कि भाजपा ने मीनू बुआजी को सम्मानपूर्वक टिकट देकर समाज के हर वर्ग को प्रतिनिधित्व देने का प्रयास किया है। विधायक ने आरोप लगाया कि चुनावी हार की आशंका और राजनीतिक दबाव के कारण इस तरह की बयानबाजी की जा रही है।

रामविलास मीणा ने कहा कि मीनू किन्नर लंबे समय से समाजसेवा से जुड़ी रही हैं और क्षेत्र में उनका सम्मान है। ऐसे में उनके खिलाफ अपमानजनक भाषा का प्रयोग लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।

निर्वाचन विभाग की नजर

विवाद बढ़ने के बाद निर्वाचन विभाग ने भी मामले को गंभीरता से लिया है। रिटर्निंग अधिकारी विजेन्द्र कुमार मीना ने पुष्टि की कि वायरल वीडियो और शिकायतों के आधार पर नोटिस जारी किया गया है। अब पूर्व मंत्री के जवाब का परीक्षण किया जाएगा और उसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

चुनाव के दौरान किसी भी प्रत्याशी या समुदाय के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी को निर्वाचन आयोग गंभीरता से देखता है। इसलिए इस मामले में भी प्रशासन कानूनी और चुनावी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया अपना रहा है।

चुनावी माहौल में बढ़ी चर्चा

नगर परिषद चुनाव के बीच सामने आया यह विवाद अब पूरे दौसा जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। राजनीतिक दल इसे अपने-अपने तरीके से मुद्दा बना रहे हैं। एक ओर भाजपा इसे सामाजिक सम्मान और समान अधिकारों का प्रश्न बता रही है, वहीं कांग्रेस के भीतर भी इस बयान को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

फिलहाल सभी की नजर निर्वाचन विभाग की आगामी कार्रवाई और पूर्व मंत्री के जवाब पर टिकी हुई है। वहीं मीनू किन्नर की उम्मीदवारी ने लालसोट चुनाव को प्रदेश स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया है।