Rajasthan

पंचायत चुनाव से पहले राजस्थान में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 15 RAS अधिकारियों के तबादले

जयपुर। राजस्थान में पंचायतीराज चुनाव की आचार संहिता लागू होने से ठीक पहले भजनलाल सरकार ने प्रशासनिक बेड़े में बड़ा फेरबदल किया है। कार्मिक विभाग की ओर से जारी आदेश में 15 राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। खास बात यह है कि इनमें बड़ी संख्या में उपखंड अधिकारी (SDM) और अतिरिक्त जिला कलेक्टर (ADM) स्तर के अधिकारी शामिल हैं।

राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से पंचायत चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा और आचार संहिता लागू होने से कुछ समय पहले जारी हुई इस तबादला सूची को प्रशासनिक और चुनावी दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत चुनाव के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका अहम होती है। कानून-व्यवस्था से लेकर चुनाव प्रक्रिया के सुचारु संचालन तक स्थानीय प्रशासन पर बड़ी जिम्मेदारी रहती है।

तबादला सूची में नारायणपुर, मण्डावर, शाहबाद और किशनगंज जैसे क्षेत्रों के अधिकारियों में बदलाव किया गया है। इन क्षेत्रों में नए अधिकारियों की तैनाती के साथ प्रशासनिक स्तर पर जिम्मेदारियां भी बदल गई हैं।

आचार संहिता से पहले तबादले

पंचायत चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही संबंधित ग्रामीण क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता प्रभावी हो जाती है। इसके बाद चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों के स्थानांतरण और नियुक्तियों पर निर्वाचन आयोग की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। ऐसे में आचार संहिता लागू होने से पहले किए गए ये तबादले प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

पंचायतीराज चुनाव में एसडीएम स्तर के अधिकारियों की भूमिका विशेष रूप से अहम रहती है। उन्हें चुनाव प्रक्रिया के दौरान विभिन्न प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभालनी पड़ती हैं। ऐसे में चुनाव से पहले अधिकारियों की तैनाती को लेकर सरकार के स्तर पर लिए गए फैसले का असर आने वाले दिनों में प्रशासनिक व्यवस्था पर दिखाई दे सकता है।

ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक जिम्मेदारी बढ़ेगी

पंचायत चुनाव के दौरान ग्रामीण इलाकों में मतदान केंद्रों की व्यवस्था, कानून-व्यवस्था, अधिकारियों के बीच समन्वय और चुनाव संबंधी निर्देशों की पालना जैसी जिम्मेदारियां प्रशासन के सामने रहती हैं। ऐसे में जिन क्षेत्रों में अधिकारियों का बदलाव किया गया है, वहां नए अधिकारियों के सामने चुनाव प्रक्रिया को व्यवस्थित ढंग से संचालित करने की चुनौती होगी।

राजनीतिक रूप से भी पंचायत चुनाव को महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इनके जरिए गांवों में स्थानीय स्तर पर राजनीतिक प्रतिनिधित्व तय होता है। जिला परिषद, पंचायत समिति और ग्राम पंचायत स्तर के चुनावों में स्थानीय राजनीतिक समीकरणों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।

स्थानीय स्तर पर भी असर

तबादलों के बाद संबंधित क्षेत्रों में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ स्थानीय जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं का नया समन्वय बनेगा। हालांकि अधिकारियों की नियुक्ति प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन चुनावी माहौल में फील्ड स्तर पर होने वाले ऐसे बदलावों पर राजनीतिक दलों और स्थानीय नेताओं की भी नजर रहती है।

फिलहाल 15 RAS अधिकारियों के तबादले के बाद संबंधित क्षेत्रों में प्रशासनिक व्यवस्था नए अधिकारियों के जिम्मे होगी। पंचायत चुनाव की घोषणा के बाद अब इन अधिकारियों की भूमिका चुनावी प्रक्रिया और कानून-व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण हो जाएगी।