दूध रोजाना इस्तेमाल होने वाली जरूरी वस्तु है। ऐसे में नियमित रूप से आधा लीटर दूध खरीदने वाले उपभोक्ता से यदि हर दिन 3 रुपए अतिरिक्त लिए जाएं तो महीने में करीब 90 रुपए और सालभर में करीब 1,095 रुपए ज्यादा चुकाने पड़ सकते हैं।
शहर के उपभोक्ता रमेश, श्याम और अशोक सहित अन्य लोगों ने बताया कि जब बूथ संचालकों से दूध की थैली पर अंकित कीमत से अधिक राशि लेने का कारण पूछा जाता है तो कई बार संतोषजनक जवाब नहीं मिलता।
उपभोक्ताओं के अनुसार कुछ बूथ संचालकों की ओर से कथित तौर पर कहा जाता है, 'लेना है तो लो, नहीं तो मत लो। जहां शिकायत करनी है, कर दो।'
इस तरह के जवाब से उपभोक्ताओं में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि दूध जैसी रोजमर्रा की जरूरत की वस्तु के लिए उन्हें प्रतिदिन बूथ पर जाना पड़ता है। ऐसे में यदि निर्धारित कीमत पर दूध उपलब्ध नहीं कराया जाता है तो उनके सामने परेशानी खड़ी हो जाती है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि सरस दूध बेचने वाले बूथों पर कीमत और बिक्री व्यवस्था की नियमित निगरानी होनी चाहिए। उनका कहना है कि यदि संबंधित अधिकारी समय-समय पर बूथों की जांच करें और प्रिंट रेट से अधिक राशि वसूलने की शिकायतों पर कार्रवाई करें तो मनमानी पर रोक लग सकती है।
फिलहाल शिकायत करने वाले उपभोक्ताओं का कहना है कि कई जगहों पर उन्हें अतिरिक्त राशि देकर ही दूध खरीदना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार सवाईमाधोपुर शहर में सरस डेयरी के 60 से अधिक बूथ संचालित बताए जा रहे हैं। हालांकि वर्तमान में इनमें से करीब 30 बूथ ही संचालित हैं। सड़क निर्माण के चलते नगर परिषद की ओर से सड़क किनारे संचालित कुछ बूथों को बंद कराया गया है।
ऐसे में वर्तमान में संचालित बूथों पर दूध की बिक्री और निर्धारित कीमत की निगरानी और भी जरूरी हो जाती है। उपभोक्ताओं की शिकायत है कि यदि सभी बूथों पर कीमतों की नियमित जांच हो तो प्रिंट रेट से अधिक राशि लेने की स्थिति सामने नहीं आएगी।
मामले को लेकर सवाईमाधोपुर-करौली के मार्केटिंग हेड सुरेन्द्र सिंह राजावत ने कहा कि सभी बूथ संचालकों को निर्धारित कीमत पर ही दूध बेचने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में ग्रुप पर संदेश भेजकर भी स्पष्ट हिदायत दी गई है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी बूथ पर प्रिंट रेट से अधिक राशि लेकर दूध बेचते हुए पाया गया तो संबंधित संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर बूथ का लाइसेंस भी निरस्त किया जा सकता है।
अब देखना होगा कि सरस डेयरी की ओर से जारी इन निर्देशों के बाद शहर के बूथों पर दूध की बिक्री निर्धारित कीमत पर होती है या नहीं।