देश के कई राज्यों में लोग गैस एजेंसियों के बाहर सुबह 5 बजे से ही कतारों में खड़े हैं। बरनाला के गांव शैहना में 66 साल के बुजुर्ग भूषण कुमार मित्तल की सिलेंडर की लाइन में खड़े होने के कारण हार्ट अटैक से मौत हो गई। अमृतसर में एजेंसी मैनेजर और ग्राहकों के बीच झड़प हुई, वहीं लुधियाना में एक्टिवा सवार बदमाशों ने युवक से सिलेंडर छीन लिया।
मोतिहारी, अररिया और दरभंगा में भी सिलेंडर के लिए लोगों में संघर्ष और धक्कामुक्की देखने को मिली। यूपी और बिहार में फैक्ट्रियों को गैस सप्लाई नहीं होने के कारण उद्योग ठप हैं। बुलंदशहर की 300-325 पॉटरी यूनिट में से 95% बंद हैं, जिससे 30 हजार से अधिक वर्कर्स बेरोजगार हो गए हैं।
केरल में लगभग 40% रेस्टोरेंट बंद होने के कगार पर हैं। भोपाल होटल एसोसिएशन के अनुसार, शहर के 2 हजार होटल-रेस्टोरेंट पिछले चार दिनों में एक भी सिलेंडर नहीं प्राप्त कर सके।
होटल और कैटरिंग इंडस्ट्री में गैस न मिलने की वजह से व्यापार ठप है, कई जगह लकड़ी और कोयले के चूल्हों पर खाना बनाने को मजबूर होना पड़ा। इससे कारोबार में गिरावट और कीमतों में वृद्धि देखने को मिली है।
LPG संकट के बीच ऑनलाइन इंडक्शन की बिक्री बढ़ गई है। अमेज़न सहित अन्य ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर पिछले चार दिनों में लगभग 5 लाख इंडक्शन की बिक्री हुई। अकेले अमेज़न पर 100 कंपनियों में से 70 का स्टॉक खत्म हो गया।
खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग ने जिला स्तर पर कंट्रोल रूम और कमेटियों का गठन किया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि घरेलू गैस वितरण व्यवस्था पर पैनी नजर रखी जाए।
दिल्ली और जयपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने LPG संकट के खिलाफ प्रदर्शन किया। दिल्ली में कार्यकर्ताओं ने अपने साथ मिट्टी के चूल्हे लेकर केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध जताया।
देशभर में LPG संकट आम जनता, उद्योग और व्यापारियों के लिए तीव्र संकट का रूप ले चुका है। होटल-रेस्टोरेंट, हॉस्टल और फैक्ट्रियों की उत्पादन क्षमता प्रभावित है, जबकि सिलेंडरों की लंबी कतारें, जमाखोरी और कालाबाजारी आम दृश्य बन गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि सप्लाई में जल्द सुधार नहीं हुआ तो यह संकट और गंभीर रूप ले सकता है।