मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में राजस्व विभाग की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें स्वामित्व (SVAMITVA) योजना की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि इस योजना के तहत गांवों में ड्रोन और जमीनी सर्वे के माध्यम से संपत्तियों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लाल डोरा क्षेत्रों में लंबे समय से संपत्तियों का प्रमाणिक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने के कारण लोगों को बैंक लोन, संपत्ति संबंधी कामों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में परेशानियों का सामना करना पड़ता था। अब आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से हर संपत्ति की स्पष्ट पहचान सुनिश्चित की जा रही है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि SVAMITVA योजना केवल कागजी दस्तावेज तैयार करने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह पूरी तरह डिजिटल तकनीक पर आधारित व्यवस्था है। इसके तहत संपत्तियों का सर्वेक्षण कर उनका रिकॉर्ड ऑनलाइन सुरक्षित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि स्मार्ट प्रॉपर्टी कार्ड मिलने के बाद लोगों को अपनी संपत्ति के अधिकार साबित करने में आसानी होगी। इससे भविष्य में विवादों में कमी आएगी और जमीन से जुड़े रिकॉर्ड ज्यादा पारदर्शी बनेंगे।
सीएम ने जानकारी दी कि सरकार जल्द ही एक विशेष कार्यक्रम आयोजित कर पात्र नागरिकों को स्मार्ट प्रॉपर्टी कार्ड वितरित करेगी।
दिल्ली सरकार के अनुसार, भारतीय सर्वेक्षण विभाग के साथ हुए समझौते के तहत फिलहाल 48 गांवों को SVAMITVA योजना में शामिल किया गया है। इनमें से 30 गांवों का ड्रोन और जमीनी सर्वे पूरा हो चुका है।
सर्वे पूरा होने के बाद इन गांवों की संपत्तियों के अंतिम प्रॉपर्टी कार्ड भी तैयार कर लिए गए हैं। अब इन कार्डों पर डिजिटल हस्ताक्षर करने और स्मार्ट कार्ड की छपाई की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।
सरकार का कहना है कि जल्द ही लोगों को उनके संपत्ति अधिकार से जुड़े ये डिजिटल कार्ड उपलब्ध करा दिए जाएंगे।
राजस्व विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, अब तक कुल 12,232 संपत्तियों का सफल सर्वेक्षण किया जा चुका है। इनमें से 8,423 संपत्तियां पूरी तरह विवाद-मुक्त पाई गई हैं। यह संख्या सर्वे की गई कुल संपत्तियों का लगभग 69 प्रतिशत है।
विवाद-मुक्त संपत्तियों के लिए स्मार्ट प्रॉपर्टी कार्ड जारी करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। सरकार का लक्ष्य है कि जल्द से जल्द सभी पात्र लोगों को डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध कराया जाए।
सरकार के अनुसार, दक्षिण दिल्ली और उत्तर-पश्चिम दिल्ली जिलों में सर्वे की गई सभी संपत्तियां विवाद-मुक्त पाई गई हैं। वहीं, अन्य जिलों में सामने आ रहे मामलों का तेजी से समाधान किया जा रहा है।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि लंबित मामलों का जल्द निपटारा किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोगों को योजना का लाभ मिल सके।
SVAMITVA योजना के लागू होने से दिल्ली देहात के लोगों को कई फायदे मिलने की उम्मीद है। स्मार्ट प्रॉपर्टी कार्ड मिलने के बाद लोगों के पास अपनी संपत्ति का डिजिटल प्रमाण होगा, जिससे खरीद-बिक्री, बैंकिंग और अन्य सरकारी कार्यों में आसानी होगी।
लाल डोरा क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की लंबे समय से मांग रही है कि उनकी संपत्तियों का स्पष्ट रिकॉर्ड तैयार किया जाए। अब सरकार की इस पहल से हजारों परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है।
दिल्ली सरकार का कहना है कि आने वाले समय में योजना का विस्तार कर अधिक से अधिक गांवों को इसके दायरे में लाया जाएगा, ताकि हर संपत्ति का सुरक्षित और प्रमाणिक डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा सके।