हंगामे के बाद पुलिस ने बल प्रयोग कर छात्रों को वहां से खदेड़ा। इसके जवाब में उग्र छात्रों ने कॉलेज के मुख्य एंट्री गेट पर भी ताला लगा दिया और बाहर धरने पर बैठ गए, जिससे कॉलेज स्टाफ को बाहर ही रुकना पड़ा।
सोमवार को एबीवीपी कार्यकर्ता कॉलेज परिसर में अव्यवस्थाओं और अन्य मांगों को लेकर ज्ञापन देने पहुंचे थे:
प्रिंसिपल कक्ष पर जड़ा ताला: कॉलेज पहुंचने पर प्रिंसिपल डॉ. रोशन भारती अपने कक्ष में उपस्थित नहीं थे। इससे आक्रोशित छात्रों ने प्रिंसिपल ऑफिस के गेट पर ताला लगा दिया।
स्टाफ को बाहर निकालने का प्रयास: छात्रों ने पूरे कैंपस को बंद करने की घोषणा कर दी और कॉलेज स्टाफ को कमरों से बाहर निकालने लगे।
पुलिस से भिड़ंत: मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने जब छात्रों को रोकने की कोशिश की, तो उनके और एबीवीपी कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस हो गई। देखते ही देखते बात धक्का-मुक्की तक पहुंच गई, जिसके बाद पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए लाठियां पटककर छात्रों को खदेड़ दिया।
गेट पर ताला लगाकर बैठे छात्र: पुलिस कार्रवाई के विरोध में छात्रों ने कॉलेज के मुख्य प्रवेश द्वार पर ताला लगा दिया और बाहर बैठकर प्रदर्शन करने लगे।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे एबीवीपी इकाई अध्यक्ष ऋतिक नखवाल ने बताया कि छात्र अपनी जायज मांगों को लेकर प्रिंसिपल से मिलने आए थे, लेकिन उनके न मिलने के कारण तालाबंदी का कदम उठाना पड़ा।
छात्रों की मुख्य मांगे निम्नलिखित हैं:
छात्र संघ चुनाव की बहाली: राजस्थान के सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में छात्र संघ चुनाव दोबारा कराए जाएं, ताकि ग्रामीण और गरीब पृष्ठभूमि के युवाओं को नेतृत्व का मौका मिल सके।
महापुरुषों की प्रतिमाएं: हाड़ौती के इस सबसे बड़े कॉलेज परिसर में डॉ. भीमराव अंबेडकर, स्वामी विवेकानंद और अन्य वीरांगनाओं व महापुरुषों की प्रतिमाएं स्थापित की जाएं।
आईडी कार्ड वितरण: नए प्रवेशित छात्रों को जल्द से जल्द कॉलेज आईडी कार्ड दिए जाएं। आईडी कार्ड न होने से छात्रों को लाइब्रेरी में पढ़ने से रोका जा रहा है।
एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कॉलेज की बदहाल स्थिति पर प्रशासन को आड़े हाथों लिया:
खेल मैदान और सफाई का मुद्दा: इतने बड़े कॉलेज में खेल का मैदान तक उपलब्ध नहीं है, जिससे खेल प्रतिभाओं का नुकसान हो रहा है। इसके अलावा कॉलेज परिसर में चारों तरफ गंदगी का आलम है।
जर्जर वॉशरूम और कमरे: कॉलेज के कमरों और वॉशरूम की हालत बेहद खराब और जर्जर बनी हुई है।
परीक्षा परिणाम में सुधार: परीक्षा परिणामों और इंटरनल असेसमेंट की समस्याओं का तुरंत समाधान किया जाए।
इकाई अध्यक्ष ऋतिक नखवाल ने कॉलेज प्रशासन को खुली चेतावनी देते हुए कहा कि अगर समय रहते इन सभी समस्याओं और अव्यवस्थाओं को दूर नहीं किया गया, तो विद्यार्थी परिषद चुप नहीं बैठेगी। छात्रों के हक के लिए कॉलेज परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा और बड़े स्तर पर आंदोलन छेड़ा जाएगा।