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अजमेर नगर निगम: बीजेपी का लगातार 8वीं बार बना बोर्ड; अनामिका शर्मा बनीं नई मेयर

अजमेर: अजमेर नगर निगम में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने एक बार फिर अपना राजनीतिक दबदबा साबित करते हुए लगातार 8वीं बार अपना बोर्ड बना लिया है। कांटे की टक्कर वाले इस चुनाव में जीत के साथ ही बीजेपी प्रत्याशी अनामिका शर्मा अजमेर की नई महापौर (मेयर) चुन ली गई हैं।

अनामिका शर्मा को कुल 43 वोट मिले, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी किरण गढ़वाल को 37 वोट ही मिल सके। जीत का आधिकारिक ऐलान होते ही बीजेपी खेमे में जश्न का माहौल बन गया। नव-निर्वाचित मेयर अनामिका शर्मा ने अपनी जीत के बाद विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) वासुदेव देवनानी से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया।

 

पहली बार की पार्षद सीधे बनीं मेयर; ससुर और समर्थकों ने जमकर किया डांस

अनामिका शर्मा का राजनीतिक सफर काफी दिलचस्प रहा है:

  • पारिवारिक पृष्ठभूमि और पहली जीत: अनामिका का परिवार राजनीति से जुड़ा रहा है, लेकिन वे खुद पहली बार चुनाव मैदान में उतरी थीं। पहली बार पार्षद का चुनाव जीतने के साथ ही वे अजमेर की प्रथम नागरिक (मेयर) बन गई हैं।

  • जनता की जीत बताई: मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, "यह मेरी व्यक्तिगत जीत नहीं है, बल्कि पूरे अजमेर शहर की जनता, कार्यकर्ताओं और पार्टी की जीत है।"

  • ससुर ने लहराया झंडा: जीत की घोषणा होते ही समर्थकों और परिजनों ने जमकर ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाया। उनके ससुर और बीजेपी के वरिष्ठ नेता सीताराम शर्मा हाथ में पार्टी का झंडा लेकर समर्थकों के साथ झूमते नजर आए।

 

निर्दलीयों ने बिगाड़ा कांग्रेस का खेल; बीजेपी ने साधा समीकरण

अजमेर नगर निगम के 80 वार्डों के चुनाव परिणामों में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला था:

  • सीटों का समीकरण: चुनाव नतीजों में कांग्रेस के 37 और भाजपा के 32 पार्षद जीतकर आए थे, जबकि 11 निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की थी।

  • बहुमत का आंकड़ा: मेयर बनाने के लिए 41 पार्षदों का बहुमत होना अनिवार्य था। कांग्रेस बहुमत से केवल 4 सीट दूर थी, वहीं बीजेपी 9 सीट पीछे थी।

  • निर्दलीयों का समर्थन: शुरू से ही दोनों पार्टियां निर्दलीय और बागी पार्षदों को साधने में लगी हुई थीं। आखिरकार जोड़-तोड़ और रणनीतिक गठजोड़ में बीजेपी बाजी मार गई। सभी 11 निर्दलीय पार्षदों ने बीजेपी के पक्ष में मतदान किया, जिससे बीजेपी का आंकड़ा 43 पहुंच गया और कांग्रेस की किरण गढ़वाल को हार का सामना करना पड़ा।

 

वोटिंग के दौरान जमकर हंगामा: बस से उतारे गए बाउंसर, कार की एंट्री पर बवाल

मेयर चुनाव के लिए मतदान प्रक्रिया के दौरान कड़ा तनाव और हंगामा देखने को मिला:

  • कांग्रेस की बस से बाउंसरों को उतारा: जब कांग्रेसी पार्षद एक साथ बस में सवार होकर वोट डालने पहुंचे, तो पुलिस ने सुरक्षा कारणों से बस को बैरिकेडिंग पर ही रोक दिया। अंदर जाने की अनुमति न मिलने पर कांग्रेसी पार्षदों ने जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस ने बस की गहन तलाशी ली और अंदर मौजूद बाउंसरों को नीचे उतारा।

  • बीजेपी का प्रदर्शन: इससे ठीक पहले मतदान केंद्र की बैरिकेडिंग के अंदर कांग्रेस प्रत्याशी किरण गढ़वाल की कार को प्रवेश देने पर बीजेपी कार्यकर्ताओं और पार्षदों ने पक्षपात का आरोप लगाते हुए जोरदार हंगामा किया। हालांकि, पुलिस-प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए स्थिति को संभाल लिया और मतदान संपन्न करवाया।