इस भीषण त्रासदी के बाद पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शराब ठेकेदार समेत 30 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है, जिनमें से 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
अस्पतालों में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे मरीजों की मौत का सिलसिला सोमवार को भी जारी रहा:
सोमवार सुबह हुई मौतें: सोमवार सुबह इलाज के दौरान महेश रावत (55), श्याम बाई अहिरवार (50) और कृष्ण कुमार लोधी ने दम तोड़ दिया।
एयरलिफ्ट मरीज की मौत: भोपाल में इलाज के लिए एयरलिफ्ट किए गए रामप्रसाद लोधी की रविवार देर रात मौत हो गई। उनके पिता गोविंद लोधी की भी रविवार को मौत हुई थी। रामप्रसाद का छोटा भाई भूरे लोधी अभी भी सागर अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती है।
दोपहर में 3 और मौतें: सोमवार दोपहर गूगरा खुर्द निवासी भगवान सिंह (35), खटोरा निवासी गोपाल आदिवासी (40) और मुड़ना पैरा निवासी देश कुमार लोधी ने भी दम तोड़ दिया।
मृतकों के परिजनों ने आपबीती सुनाते हुए स्थानीय स्तर पर जारी अवैध शराब के कारोबार का खुलासा किया:
भतीजे का बयान: मृतक महेश के भतीजे श्रवण कुमार रावत ने बताया कि चाचा ने रविवार शाम को गांव में शराब पी थी, जिसके तुरंत बाद ही उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी।
महिला की मौत: वहीं, मृतक श्याम बाई के बेटे विट्ठल अहिरवार ने बताया, "हम सभी लोग मामा के घर गमी में गए हुए थे और मां घर पर अकेली थीं। उन्होंने गांव में ही किसी व्यक्ति से मंगवाकर शराब पी ली। देर रात तबीयत बिगड़ने पर सुबह जिला अस्पताल लाए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।"
बंडा थाने में दर्ज एफआईआर (FIR) से ठेकेदारों और उनके गिरोह की पूरी कार्यप्रणाली की पोल खुली है:
अवैध बिक्री का नेटवर्क: शिकायतकर्ता अनूप सिंह लोधी के अनुसार, गांव में करीब 8 लोग खुलेआम अवैध शराब बेचते हैं।
नया और सस्ता ब्रांड: 4 सितंबर को अनूप जब अपने भतीजे राजेंद्र के साथ जुझार लोधी की दुकान पर गया, तो जुझार ने बताया कि बरेठी के लाइसेंसी शराब ठेकेदार यशवंत सिंह, मनीष लोधी और बंडा निवासी आशीष साहू ने अपने गुर्गों (आकाश राय, रहीम खान, सत्यम, आशाराम, अरविंद, रविंद्र, रोहित, अनिकेत और माखन) के जरिए गाड़ियों से नया सस्ता ब्रांड भिजवाया है।
सस्ती के लालच में जहर: जुझार ने कहा कि यह शराब दुकान से 20 रुपये सस्ती मिल रही है। इस पर अनूप के भतीजे राजेंद्र ने शंका जताते हुए पूछा भी था कि "कहीं यह नकली या जहरीली शराब तो नहीं है?" लेकिन आरोपियों ने आश्वासन देकर माल खपा दिया, जिससे यह भयानक हादसा घटित हुआ।