सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना मालवीय नगर स्थित आवास की है:
अस्पताल ले जाने से पहले बिगड़ी तबीयत: पूर्व सांसद के अनुसार, उनके बेटे राजेंद्र सिंह 11 सितंबर को मालवीय नगर स्थित अपने घर में अचेत और बेसुध अवस्था में मिले थे।
नीले पड़े थे होंठ: परिजनों ने बताया कि उस समय उनके होंठ नीلے पड़ चुके थे, जिससे यह गहरी आशंका जताई जा रही है कि उन्हें सुनियोजित तरीके से कोई जहरीला पदार्थ दिया गया था।
पूर्व सांसद रतन सिंह ने अपनी बहू पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं:
संपत्ति और नौकरी पर नजर: उनका आरोप है कि बहू नीतू सिंह ने बेटे की संपत्ति और नौकरी पर कब्जा करने की नीयत से यह खौफनाक साजिश रची थी। हालांकि, आरोपी बहू के पिता विमल ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें पूरी तरह बेबुनियाद बताया है।
लंबे समय से चल रहा था विवाद: पुलिस को दी गई जानकारी के मुताबिक, राजेंद्र सिंह की शादी 11 मई 2005 को नीतू सिंह के साथ हुई थी। दोनों के बीच लंबे समय से मनमुटाव था और पारिवारिक न्यायालय में तलाक का मामला भी विचाराधीन था। शिकायत में बताया गया है कि नीतू और सौरव करीब 6-7 साल तक अलग रहने के बाद मई 2026 से वापस राजेंद्र के साथ रहने लगे थे, जिसके बाद पैसों और मकान को लेकर विवाद और गहरा गया था।
एफआईआर के अनुसार, हत्या से पहले धमकियों का दौर भी चला था:
धमकाने का आरोप: पूर्व सांसद का कहना है कि 4 सितंबर को नीतू और सौरव ने पैसों व मकान को लेकर राजेंद्र के साथ तीखा विवाद किया था और उन्हें जान से मारने की धमकियां दी थीं। इसके अलावा नीतू के पिता और भाइयों पर भी फोन के जरिए धमकाने का आरोप लगाया गया है।
साक्ष्य मिटाने के लिए तोड़े कैमरे: एफआईआर में यह भी दावा किया गया है कि 4 और 5 सितंबर को घर में लगे सीसीटीवी कैमरों को जानबूझकर तोड़ दिया गया, ताकि हत्या से जुड़े कोई सबूत न बच सकें। घर के डीवीआर में वारदात से जुड़े अहम सुराग होने की बात कही गई है, जिसकी पुलिस गहनता से जांच कर रही है।