इससे पहले 12 अक्टूबर को भी सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई थी। सोमवार को सोना 1,369 रुपए और चांदी 814 रुपए सस्ती हुई थी। इस तरह दो दिनों में सोने की कीमत करीब 1,750 रुपए और चांदी की कीमत लगभग 1,700 रुपए घट चुकी है।
हालांकि, कीमतों में मौजूदा गिरावट के बावजूद बाजार विशेषज्ञ आने वाले दिनों में सोने-चांदी के भाव बढ़ने की संभावना जता रहे हैं। उनका मानना है कि त्योहारों के सीजन में मांग बढ़ने और दुनियाभर के केंद्रीय बैंकों की ओर से सोने की खरीदारी जारी रहने से कीमतों को समर्थन मिल सकता है।
कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के मुताबिक, भारत और चीन में त्योहारों का सीजन शुरू होने से सोने और चांदी की मांग बढ़ सकती है। त्योहारों के दौरान भारत में सोने-चांदी की खरीदारी बढ़ती है। वहीं, चीन में भी कीमती धातुओं की मांग का बाजार पर असर पड़ सकता है।
इसके अलावा, चीन समेत दुनिया के कई देशों के केंद्रीय बैंक सोने की खरीदारी कर रहे हैं। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की मांग को समर्थन मिल सकता है।
अजय केडिया के अनुमान के मुताबिक, इन परिस्थितियों में दिवाली तक सोने की कीमत 1.55 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी की कीमत 2.40 लाख रुपए प्रति किलो तक पहुंच सकती है। हालांकि, ये बाजार के मौजूदा रुझानों पर आधारित अनुमान हैं। वास्तविक कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, निवेशकों की मांग और अन्य आर्थिक परिस्थितियों के अनुसार बदल सकती हैं।
साल 2026 में अब तक सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। उपलब्ध IBJA आंकड़ों के मुताबिक, 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोने की कीमत करीब 1.33 लाख रुपए थी, जो अब बढ़कर लगभग 1.48 लाख रुपए हो गई है। इस तरह साल की शुरुआत से सोना करीब 15 हजार रुपए महंगा हुआ है।
इसके उलट चांदी की कीमत में गिरावट दर्ज की गई है। 31 दिसंबर 2025 को एक किलो चांदी का भाव करीब 2.30 लाख रुपए था, जो अब घटकर 2.20 लाख रुपए के आसपास रह गया है। यानी चांदी इस साल अब तक करीब 10 हजार रुपए सस्ती हुई है।
साल के दौरान सोने और चांदी की कीमतों में तेज उछाल भी देखने को मिला। दिए गए आंकड़ों के अनुसार, 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी ने 3.86 लाख रुपए प्रति किलो का ऑलटाइम हाई बनाया था।
इसके बाद दोनों धातुओं के भाव में उतार-चढ़ाव जारी रहा। मौजूदा समय में सोना अपने जनवरी के उच्चतम स्तर से नीचे कारोबार कर रहा है। चांदी की कीमत में भी जनवरी के शिखर के मुकाबले बड़ी गिरावट आई है।
सोना-चांदी खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए कीमतों में यह उतार-चढ़ाव अहम है। त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने से भाव में तेजी आ सकती है, लेकिन बाजार की दिशा निश्चित नहीं है।
खरीदारी करते समय IBJA के भाव और स्थानीय ज्वेलर के खुदरा भाव में अंतर को ध्यान में रखना चाहिए। आभूषण खरीदने पर मेकिंग चार्ज और लागू टैक्स के कारण अंतिम कीमत बढ़ सकती है। साथ ही, सोने की शुद्धता, हॉलमार्क और बिल की जांच करना भी जरूरी है।
फिलहाल, लगातार दो दिनों की गिरावट से खरीदारों को कुछ राहत मिली है। वहीं, विशेषज्ञों के अनुमान के मुताबिक दिवाली तक कीमतें फिर बढ़ सकती हैं। ऐसे में खरीदारी का फैसला करने से पहले ताजा भाव और अपनी जरूरत का आकलन करना बेहतर रहेगा।