जयपुर: जयपुर में गणेश चतुर्थी को लेकर शहर के प्रमुख गणेश मंदिरों में भव्य धार्मिक आयोजनों की तैयारियां जोरों पर हैं। 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी पर प्रथम पूज्य भगवान गणेश का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। इस अवसर पर मंदिरों को विशेष रोशनी, बंदरवाल और दिव्य सजावट से सजाया जा रहा है।
मोती डूंगरी गणेश मंदिर: 3500 किलो मेहंदी से सिंजारा और 19 घंटे दर्शन
मोती डूंगरी गणेश मंदिर में 13 सितंबर (रविवार) को सिंजारा महोत्सव आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर पाली के सोजत से मंगवाई गई करीब 3500 किलो मेहंदी भगवान गणेश को अर्पित की जाएगी।
मेहंदी प्रसाद वितरण: पूजन के बाद रात 7:30 बजे से मंदिर परिसर में पांच अलग-अलग स्थानों से भक्तों को मेहंदी प्रसादी बांटी जाएगी। महिलाओं और कन्याओं के लिए विशेष काउंटर की व्यवस्था की गई है।
जन्मोत्सव और दर्शन समय: 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी पर भगवान के जन्मोत्सव के दिन सुबह 5 बजे से रात 11:40 बजे तक लगातार (करीब 19 घंटे) दर्शन की व्यवस्था रहेगी।
साल में एक बार धारण कराया जाने वाला स्वर्ण मुकुट और नौलखा हार
सिंजारा महोत्सव और गणेश चतुर्थी के अवसर पर गजानन महाराज का विशेष अलौकिक श्रृंगार किया जाएगा।
स्वर्ण मुकुट: भगवान गणेश को साल में सिर्फ एक बार धारण कराया जाने वाला विशेष स्वर्ण मुकुट पहनाया जाएगा।
नौलखा हार: चांदी के सिंहासन पर विराजमान गणेशजी को विशेष नवीन पोशाक के साथ दिव्य नौलखा हार पहनाया जाएगा। मोती, सोना, पन्ना और माणक से जड़े इस बहुमूल्य हार को महंत परिवार ने तीन महीने की कड़ी मेहनत से तैयार किया है।
परकोटा गणेश मंदिर: 21 हजार लड्डुओं की झांकी और छप्पन भोग
चांदपोल स्थित परकोटा गणेश मंदिर में भी गणेशोत्सव को लेकर भक्तों में भारी उत्साह है।
21 हजार लड्डुओं की झांकी: मंदिर में आज 21 हजार लड्डुओं से भगवान गणेश की भव्य और आकर्षक झांकी सजाई जाएगी।
सिंजारा उत्सव: 13 सितंबर को मंदिर में 111 किलो मेहंदी से सिंजारा महोत्सव मनाया जाएगा।
छप्पन भोग: 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी के दिन सोने के वर्क से सजे गजानन महाराज को छप्पन भोग अर्पित किया जाएगा।