जयपुर नगर निगम के चुनाव नतीजों में बीजेपी को पहले ही स्पष्ट बहुमत मिल चुका है। ऐसे में सुनील कोठारी का जयपुर का नया प्रथम नागरिक (मेयर) बनना लगभग तय माना जा रहा है। हालांकि, चुनाव प्रक्रिया के तहत इसकी औपचारिक घोषणा 25 सितंबर को होगी।
मेयर प्रत्याशी के चयन को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने काफी मंथन किया:
3-3 नामों की ली गई वरीयता: शुक्रवार को बीजेपी ने अपने सभी विजेता पार्षदों से वरीयता के हिसाब से 3-3 नाम लिखवाकर गोपनीय रायशुमारी की थी।
पुष्कर में थी पार्षदों की बाड़ेबंदी: रायशुमारी के तुरंत बाद क्रास वोटिंग और सेंधमारी से बचाने के लिए सभी बीजेपी पार्षदों को अजमेर के पुष्कर स्थित 'द सूर्या गोल्डन पैलेस' होटल में शिफ्ट कर दिया गया था।
अंतिम मुहर के बाद जयपुर कॉल: शनिवार को जैसे ही प्रदेश नेतृत्व ने सुनील कोठारी के नाम पर अंतिम मुहर लगाई, उन्हें बाड़ेबंदी से तुरंत जयपुर बुलाकर नामांकन की तैयारी शुरू करवाई गई।
सुनील कोठारी को प्रत्याशी बनाए जाने के पीछे पार्टी का मजबूत राजनीतिक और सामाजिक समीकरण रहा है:
सोशल इंजीनियरिंग और वरिष्ठता: जयपुर में काफी समय से वैश्य समाज (विशेषकर जैन समुदाय) से मेयर बनाने की मांग चल रही थी। विधायकों की राय, पार्षदों से हुई रायशुमारी, संगठन में वरिष्ठता और मजबूत वित्तीय स्थिति के आकलन में सुनील कोठारी सबसे आगे रहे। हालांकि, रेस में निवर्तमान डिप्टी मेयर पुनीत कर्नावट और सुभाष सिंघी के नाम भी चर्चा में थे।
विधायकों की शर्त हुई पूरी: जयपुर शहर के छह भाजपा विधायक चाहते थे कि उनकी अपनी विधानसभा क्षेत्र का कोई पार्षद मेयर न बने, ताकि भविष्य में कोई नया राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी खड़ा न हो। सुनील कोठारी वार्ड नंबर 112 से पार्षद चुने गए हैं, जो किशनपोल विधानसभा क्षेत्र में आता है। किशनपोल से वर्तमान में कांग्रेस के अमीन कागजी विधायक हैं। इस तरह संगठन ने विधायकों की मांग भी पूरी कर दी।
दूसरी ओर, संख्या बल में पीछे रहने के बावजूद कांग्रेस की ओर से भी नामांकन पत्र दाखिल किए गए हैं:
कांग्रेस का पर्चा: कांग्रेस की ओर से सुनीता मावर, पूर्व मेयर ज्योति खंडेलवाल को हराने वाली सुनीता मेठी और दशरथ अटल ने नामांकन फॉर्म भरा है।
स्क्रूटनी में खारिज होंगे अन्य फॉर्म: पार्टी सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस की अधिकृत प्रत्याशी सुनीता मावर ही हैं। ऐसे में डमी या अन्य के रूप में भरे गए बाकी दोनों प्रत्याशियों के फॉर्म स्क्रूटनी (जांच) के दौरान खारिज हो जाएंगे।
25 को औपचारिक घोषणा: बहुमत का आंकड़ा बीजेपी के पास होने के कारण सुनील कोठारी की जीत तय मानी जा रही है, जिसका आधिकारिक ऐलान 25 सितंबर को मतदान प्रक्रिया के बाद किया जाएगा।