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जयपुर: सेठी कॉम्पलेक्स में भीषण आग से कई दुकानें खाक; दिवाली का लाखों का माल राख, जलती दुकानों को देख रो पड़े व्यापारी

जयपुर: राजधानी जयपुर के परकोटा क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध बड़ी चौपड़ के पास मणिहारों का कटला-सेठी कॉम्पलेक्स में गुरुवार सुबह भीषण आग लग गई। इस भीषण अग्निकांड ने दिवाली सीजन की तैयारियों में जुटे कई व्यापारियों के सपनों और लाखों रुपये के सामान को पल भर में राख में मिला दिया। आगामी त्योहारों पर अच्छे कारोबार की उम्मीद में व्यापारियों ने बड़ी मात्रा में माल स्टॉक किया था, जो उनकी आंखों के सामने जलता रहा। दुकान को धू-धू कर जलता देख कई व्यापारी फफक-फफक कर रो पड़े, तो वहीं एक व्यापारी की पत्नी की सदमे से तबीयत बिगड़ गई।

 

शॉर्ट सर्किट से भड़की आग: 25 दुकानें चपेट में आईं, 7 घंटे में पाया गया काबू

हादसे की शुरुआत गुरुवार सुबह करीब 7 बजे कॉम्पलेक्स की दूसरी मंजिल से हुई:

  • शॉर्ट सर्किट बनी वजह: सेठी कॉम्पलेक्स की दूसरी मंजिल पर स्थित चूड़ियों के एक गोदाम में अचानक शॉर्ट सर्किट से आग लग गई।

  • फैलती गई आग: देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और आसपास की करीब 25 दुकानों व गोदामों को अपनी चपेट में ले लिया। इनमें कपड़ों के गोदाम, प्लास्टिक का सामान, कॉस्मेटिक आइटम और चूड़ियों की दुकानें शामिल थीं।

  • राहत व बचाव कार्य: सूचना पर पहुंची पुलिस, दमकल विभाग, सिविल डिफेंस और एसडीआरएफ (SDRF) के जवानों ने अपनी जान जोखिम में डालकर मशक्कत शुरू की। करीब 7 घंटे की कड़ी मेहनत के बाद आग पर काबू पाया जा सका, हालांकि शाम तक धुएं का गुबार उठता रहा।

 

दिवाली का भरा था स्टॉक: व्यापारी कमल अग्रवाल फूट-फूटकर रोए

आग के कारण सबसे ज्यादा नुकसान सीजनल कारोबार करने वाले व्यापारियों को पहुंचा है, जिनमें कमल अग्रवाल भी शामिल हैं:

  • दिवाली का सामान खाक: मणिहारों के कटला में व्यापारी कमल अग्रवाल की खुद की 3 दुकानें और 2 किराए की दुकानें थीं। उन्होंने आगामी दिवाली सीजन को ध्यान में रखते हुए बंदरवाल, सजावटी सामान, धागों की गट्टियां और टेलरिंग से जुड़ा सीजनल माल भारी मात्रा में भर रखा था। आग की चपेट में आने से उनकी तीन दुकानें और लाखों का माल जलकर खाक हो गया।

  • रो पड़े व्यापारी: आग की सूचना मिलते ही कमल अग्रवाल अपनी पत्नी और बेटे प्रणव अग्रवाल के साथ मौके पर पहुंचे। अपनी आंखों के सामने अपनी जिंदगी भर की कमाई और दुकानों को जलता देख कमल भावुक हो गए और एक कोने में बैठकर बिलख-बिलख कर रोने लगे।