दो किलोमीटर की दौड़ सफलतापूर्वक पूरी करने के बाद अचानक उनके सीने में तेज दर्द हुआ, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों के प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
घटनाक्रम की जानकारी देते हुए RPTC और अस्पताल प्रशासन ने बताया:
अचानक सीने में दर्द: बाड़मेर के नेतराड़ गांव निवासी 50 वर्षीय ASI दुर्गाराम भील सुबह 7 बजे RPTC पहुंचे थे। दो किलोमीटर की दौड़ पूरी करने के बाद सुबह करीब 8:30 बजे उनके सीने में अचानक तेज दर्द उठा और वे अचेत होने लगे।
अस्पताल में प्रयास: उन्हें तुरंत नजदीकी चंद्र मंगल अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार, जब उन्हें लाया गया तब उनकी पल्स (नाड़ी) बंद हो चुकी थी। डॉक्टरों ने तुरंत कार्डियो-पल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) दिया, जिससे एक बार पल्स वापस आ गई थी, लेकिन कुछ ही देर में स्थिति फिर बिगड़ गई और उनकी मृत्यु हो गई।
दिवंगत पुलिस अधिकारी के परिजनों ने बताया कि वे प्रमोशन टेस्ट में शामिल होने के लिए गुरुवार को ही बाड़मेर से जोधपुर आए थे:
दो बेटों के सिर से उठा पिता का साया: दुर्गाराम के चाचा सताराम भील ने बताया कि दुर्गाराम के दो बेटे हैं, जो फिलहाल पढ़ाई कर रहे हैं। इस दुखद घटना की खबर मिलते ही परिवार और पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई।
RPTC मंडोर में उप-निरीक्षक (SI) पद पर पदोन्नति के लिए आयोजित की जाने वाली इस परीक्षा प्रक्रिया में कई कड़े चरण शामिल होते हैं:
फिजिकल टेस्ट के चरण: अभ्यर्थियों को 2 किलोमीटर की दौड़, शारीरिक प्रशिक्षण (PT), परेड और हथियारों के संचालन (वेपन एक्सरसाइज) का प्रदर्शन करना होता है। इसके अलावा भीड़ नियंत्रण (Crowd Control) का इंडिविजुअल डेमो भी देना अनिवार्य होता है।
अंतिम चयन प्रक्रिया: लिखित परीक्षा और शारीरिक दक्षता परीक्षा के अंकों के आधार पर अभ्यर्थियों को साक्षात्कार (Interview) के लिए बुलाया जाता है। अंतिम परिणाम जारी करते समय अभ्यर्थी का सर्विस रिकॉर्ड (सेवा इतिहास) भी देखा जाता है।