पुलिस जांच में इस सनसनीखेज वारदात के पीछे का मुख्य कारण पारिवारिक विवाद और संपत्ति का पेंच निकला है:
पत्नी का लापता होना: डीसीपी (साउथ) राजर्षि राज ने बताया कि मुख्य आरोपी कालूराम मीणा की पत्नी करीब 3 महीने पहले एक पड़ोसी के साथ चली गई थी। जाते समय वह करीब 3 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी से जुड़े महत्वपूर्ण कागजात भी अपने साथ ले गई थी।
दबाव बनाने की साजिश: पत्नी और उस पड़ोसी पर दबाव बनाने के लिए आरोपी पिता ने अपने ही 6 साल के बेटे के अपहरण की झूठी और खतरनाक साजिश रची। इस काम में उसने अपने भाई और अपनी दुकान पर काम करने वाले दो कर्मचारियों को भी शामिल कर लिया था।
आरोपियों ने पुलिस और कानून को चकमा देने के लिए पूरी प्लानिंग की थी:
थाने में दर्ज कराई थी रिपोर्ट: आरोपी कालूराम मीणा ने 16 अक्टूबर को शिवदासपुरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका 6 साल का बेटा, जो पहली कक्षा में पढ़ता है, बड़ी बहन के साथ आरओ प्लांट पर पानी लेने गया था तभी बाइक सवार दो नकाबपोश बदमाश उसे उठा ले गए।
पहचान छिपाने के हथकंडे: पुलिस को गुमराह करने के लिए आरोपियों ने बाइक की नंबर प्लेट हटा दी थी और चेहरे पर हेलमेट पहन रखे थे ताकि कोई पहचान न सके।
घटना की गंभीरता को देखते हुए जयपुर पुलिस कमिश्नरेट की टीमों ने तकनीकी सर्विलांस और रूट चार्ट के आधार पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की:
सीसीटीवी से खुलासा: पुलिस ने जब घटनास्थल के आसपास के दर्जनों सीसीटीवी फुटेज खंगाले और मामले की कड़ियों को जोड़ा, तो साजिश का पर्दाफाश हो गया।
बरामदगी और गिरफ्तारी: पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए बच्चे को सुरक्षित ढूंढ निकाला और साजिश रचने वाले पिता कालूराम मीणा, उसके भाई तथा दोनों कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।