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दीपावली-छठ पर लंबी दूरी की ट्रेनों में सीटों का भारी संकट: जयपुर से यूपी-बिहार जाने वाले यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें

जयपुर: दीवाली और छठ जैसे बड़े त्योहारों के नजदीक आते ही राजधानी जयपुर से उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और झारखंड जाने वाले यात्रियों के लिए ट्रेनों में कंफर्म सीट पाना बेहद मुश्किल हो गया है। रेलवे प्रशासन द्वारा त्योहारों के मद्देनजर कई स्पेशल ट्रेनें संचालित करने के बावजूद मुख्य रूट्स पर यात्री भार इतना बढ़ गया है कि लंबी दूरी की नियमित ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट 100 के आंकड़े को पार कर गई है, जबकि कई ट्रेनों में 'नो रूम' (सीटें उपलब्ध नहीं) की स्थिति बन गई है।

 

किन ट्रेनों में सबसे ज्यादा मारामारी?

जयपुर से पूर्वांचल और पूर्वोत्तर राज्यों की ओर जाने वाले प्रमुख रेल मार्गों पर सीटों की भारी किल्लत बनी हुई है:

  • प्रमुख ट्रेनें प्रभावित: बीकानेर-हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस, अनन्या एक्सप्रेस, बाड़मेर-गुवाहाटी और अजमेर-सियालदह जैसी प्रमुख गाड़ियों में बर्थ मिलना लगभग असंभव हो गया है।

  • प्रमुख गंतव्य: पटना, प्रयागराज, कानपुर, वाराणसी और गोरखपुर जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेनों में लंबी वेटिंग चल रही है। जिन यात्रियों ने मीणों पहले टिकट बुक कराए थे, उनमें से कई को भी अब तक कंफर्म सीट नहीं मिल पाई है।

 

एजेंटों के चक्कर काटने को मजबूर यात्री, फिर भी नहीं मिल रही गारंटी

टिकटों की भारी मांग के चलते दलालों और एजेंटों के यहां भी यात्रियों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं:

  • अतिरिक्त भुगतान के बाद भी निराशा: यात्री ज्यादा पैसे खर्च करने को तैयार हैं, लेकिन इसके बावजूद कई रूटों पर कंफर्म टिकट की कोई गारंटी नहीं मिल पा रही है।

  • लंबी प्रतीक्षा सूची: त्योहार के सीजन में टिकट न मिलने के कारण यात्रियों को तत्काल कोटे या विशेष काउंटर के भरोसे रहना पड़ रहा है, जिससे उनकी परेशानी कई गुना बढ़ गई है।

 

जनरल टिकट लेकर स्लीपर में सफर करना पड़ा भारी: रेलवे का जुर्माना बढ़ाकर 500 रुपए हुआ

कंफर्म टिकट न मिलने पर कुछ यात्री जनरल या लोअर क्लास का टिकट लेकर स्लीपर या एसी कोच में सफर करने का जोखिम उठाते हैं, लेकिन रेलवे के नए और सख्त नियमों के कारण यह गलती अब जेब पर भारी पड़ सकती है:

  • बढ़ा हुआ जुर्माना: रेलवे नियमों के तहत बिना उचित टिकट या श्रेणी परिवर्तन के यात्रा करते पकड़े जाने पर न्यूनतम जुर्माना 250 रुपए से बढ़ाकर 500 रुपए कर दिया गया है।

  • यात्री शुल्क की वसूली: यदि कोई यात्री लोअर क्लास का टिकट लेकर स्लीपर या उच्च श्रेणी में सफर करते हुए पकड़ा जाता है, तो उससे जुर्माने के साथ-साथ गंतव्य तक का उस श्रेणी का पूरा अंतर शुल्क (यात्रा किराया) भी वसूला जाएगा। इसलिए यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे नियमों का पालन करें और बिना पूरी तैयारी के यात्रा से बचें।