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राजस्थान के नगरीय निकाय चुनाव के बीच जयपुर के वार्ड संख्या 62 में चुनाव आयोग ने बड़ा फैसला

जयपुर। राजस्थान के नगरीय निकाय चुनाव के बीच जयपुर के वार्ड संख्या 62 में चुनाव आयोग ने बड़ा फैसला लिया है। वार्ड के भाग संख्या 23 स्थित एक मतदान केंद्र पर अब दोबारा मतदान कराया जाएगा। यहां 11 सितंबर को हुए मतदान के दौरान मतदाता सूची की विलोपन सूची में शामिल 110 मतदाताओं द्वारा मतदान किए जाने की घटना सामने आई थी। मामले की रिपोर्ट मिलने के बाद राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग ने पुनर्मतदान कराने के निर्देश जारी किए हैं।

पुनर्मतदान 13 सितंबर 2026 को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक कराया जाएगा। मतदान केंद्र वही रहेगा, जहां 11 सितंबर को मूल मतदान हुआ था। यह मतदान केंद्र राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, कमरा नंबर 4, टीला वाला, सांगानेर में स्थित है।

चुनाव की निष्पक्षता प्रभावित होने पर लिया फैसला

राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार जिला निर्वाचन अधिकारी और रिटर्निंग अधिकारी से प्राप्त रिपोर्ट पर विचार करने के बाद यह सामने आया कि विलोपन सूची में शामिल 110 मतदाताओं के मतदान करने की घटना से चुनाव की निष्पक्षता प्रभावित हुई है। इसी को ध्यान में रखते हुए आयोग ने राजस्थान नगरपालिका (निर्वाचन) नियम, 1994 के नियम 55 के तहत पुनर्मतदान का निर्णय लिया।

आयोग के इस फैसले के बाद अब संबंधित मतदान केंद्र पर एक बार फिर चुनाव प्रक्रिया कराई जाएगी। प्रशासन को पुनर्मतदान को लेकर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रत्याशियों को लिखित सूचना देने के निर्देश

चुनाव आयोग ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि पुनर्मतदान की तारीख, समय और मतदान केंद्र की जानकारी चुनाव लड़ रहे सभी अभ्यर्थियों और उनके निर्वाचन अभिकर्ताओं को लिखित रूप में दी जाए।

इसके साथ ही संबंधित क्षेत्र में व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि पात्र मतदाताओं को पुनर्मतदान की जानकारी समय पर मिल सके। प्रशासन की कोशिश होगी कि पुनर्मतदान के दौरान किसी भी तरह की भ्रम की स्थिति पैदा न हो।

केवल अधिकृत मतदाता ही डाल सकेंगे वोट

पुनर्मतदान में केवल अधिकृत और पात्र मतदाताओं को ही मतदान करने की अनुमति होगी। चुनाव आयोग ने मतदाताओं की पहचान को लेकर भी विशेष व्यवस्था तय की है।

इस बार मतदान करने वाले मतदाताओं की पहचान के लिए बाएं हाथ की मध्यमा अंगुली पर अमिट स्याही लगाई जाएगी। आयोग के निर्देश के अनुसार यह निशान नाखून के प्रारंभ से अंगुली के प्रथम भाग तक लगाया जाएगा।

इस व्यवस्था का उद्देश्य मतदान प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना और किसी भी तरह की दोबारा या अनधिकृत वोटिंग की आशंका को रोकना है।

पुरानी EVM रहेगी सील और सुरक्षित

11 सितंबर को हुए मूल मतदान में इस्तेमाल की गई ईवीएम को सील कर सुरक्षित अभिरक्षा में रखने के निर्देश दिए गए हैं। यानी पुराने मतदान में इस्तेमाल हुई मशीनों को अलग रखा जाएगा।

आयोग ने यह भी कहा है कि यदि आवश्यक हुआ तो पुनर्मतदान के लिए ईवीएम में इस्तेमाल होने वाले मतपत्र और निविदत्त मतपत्र नए सिरे से मुद्रित कराए जा सकते हैं। पुनर्मतदान की प्रक्रिया के लिए प्रशासन को नए सिरे से आवश्यक चुनावी सामग्री उपलब्ध कराने की तैयारी करनी होगी।

CM भजनलाल के विधानसभा क्षेत्र में है मतदान केंद्र

वार्ड 62 का यह मतदान केंद्र राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, कमरा नंबर 4, टीला वाला, सांगानेर स्थित यह केंद्र मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के विधानसभा क्षेत्र में आता है।

ऐसे में यहां पुनर्मतदान का फैसला राजनीतिक तौर पर भी चर्चा में है। अब सभी राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों की नजर 13 सितंबर को होने वाली वोटिंग पर रहेगी।

मतदान केंद्र पर फिर बढ़ेगी चुनावी सक्रियता

11 सितंबर को मतदान पूरा होने के बाद जहां प्रत्याशी परिणाम का इंतजार कर रहे थे, वहीं वार्ड 62 के इस हिस्से में चुनावी प्रक्रिया एक बार फिर शुरू हो गई है। पुनर्मतदान के कारण प्रत्याशियों और उनके समर्थकों को मतदाताओं से दोबारा संपर्क करना होगा।

प्रशासन के सामने भी इस बार मतदान प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष और व्यवस्थित तरीके से कराने की चुनौती रहेगी। खास तौर पर मतदाता सूची और पात्र मतदाताओं की पहचान को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती जाएगी।

अब 13 सितंबर को होने वाले पुनर्मतदान के बाद ही इस मतदान केंद्र की स्थिति स्पष्ट होगी। इसके बाद 14 सितंबर की मतगणना में संबंधित बूथ के मतों को शामिल किया जाएगा और वार्ड 62 के चुनावी परिणाम की तस्वीर सामने आएगी।