बता दें कि नामांकन की यह प्रक्रिया 26 सितंबर तक चलेगी, जिसके बाद चुनाव की अंतिम तस्वीर पूरी तरह साफ हो सकेगी।
आरसीए चुनावों में इस बार महिला भागीदारी का नया अध्याय शुरू हुआ है:
ऐतिहासिक नामांकन: दौसा जिला क्रिकेट संघ की अध्यक्ष शोभना गुर्जर ने RCA में एग्जीक्यूटिव मेंबर (कार्यकारी सदस्य) पद के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल किया है।
पहला मौका: आरसीए के लंबे चुनावी इतिहास में यह पहला अवसर है जब किसी महिला ने संघ के किसी भी कार्यकारी पद के लिए अपनी मजबूत दावेदारी पेश करते हुए पर्चा भरा है।
आरसीए में सबसे ताकतवर माने जाने वाले 'अध्यक्ष' पद को लेकर सबसे ज्यादा घमासान मचा हुआ है। इस पद की रेस में चार प्रमुख नाम सामने आ रहे हैं:
पराक्रम सिंह: पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ के बेटे।
धनंजय सिंह: प्रदेश के चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के बेटे।
मोहित यादव: एडहॉक कमेटी के पूर्व कन्वीनर और भाजपा विधायक जसवंत यादव के बेटे।
दीनदयाल कुमावत: एडहॉक कमेटी के पूर्व कन्वीनर।
इनमें पराक्रम सिंह और धनंजय सिंह के बीच मुख्य मुकाबला माना जा रहा है। दोनों ही खेमे अध्यक्ष पद पर कब्जा जमाने के लिए लगातार विभिन्न जिला क्रिकेट संघों के प्रतिनिधियों से संपर्क साध रहे हैं और समीकरण बनाने में जुटे हैं।
अध्यक्ष के बाद आरसीए में सचिव (Secretary) का पद सबसे असरदार माना जाता है। इस पद को लेकर भी दावेदारों की लंबी फेहरिस्त सामने आ चुकी है:
प्रमुख दावेदार: राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी के बेटे आशीष तिवाड़ी, बीजेपी नेता पिंकेश जैन और बृज किशोर उपाध्याय के नाम सचिव पद की दौड़ में सबसे आगे चल रहे हैं।
अन्य दावेदार: इनके अलावा सोमेंद्र तिवारी और रतन सिंह भी सचिव पद के लिए अपनी दावेदारी मजबूत करने की जुगत में हैं।
चुनावी गलियारों में चर्चा है कि अध्यक्ष पद के समीकरण बदलने पर सचिव पद के पूरे समीकरण अपने आप बदल जाएंगे। यदि अध्यक्ष पद की दौड़ से कोई बड़ा दावेदार बाहर होता है, तो पार्टी और गुट के संतुलन को बनाए रखने के लिए उसे सचिव या अन्य किसी महत्वपूर्ण पद पर एडजस्ट करने का फॉर्मूला अपनाया जा सकता है।