ऑस्ट्रेलिया ने श्रीलंका के खिलाफ मैच से पहले स्टीव स्मिथ को हेजलवुड के रिप्लेसमेंट के रूप में टीम में शामिल किया है। हेजलवुड पिंडली की चोट के कारण टूर्नामेंट से आधिकारिक रूप से बाहर हो गए हैं। टीम के मेडिकल स्टाफ को उम्मीद थी कि वह टूर्नामेंट के अंतिम चरण तक फिट हो जाएंगे, लेकिन ऐसा संभव नहीं हो सका।
दोनों टीमें टी20 इंटरनेशनल में अब तक 26 बार आमने-सामने आ चुकी हैं। इसमें 16 मैच ऑस्ट्रेलिया ने जीते हैं, जबकि 10 मुकाबलों श्रीलंका को जीत मिली है।
टी20 वर्ल्ड कप में भी दोनों की 5 बार भिड़ंत हुई है। इसमें भी ऑस्ट्रेलिया का पलड़ा भारी रहा है। ऑस्ट्रेलिया ने 4 बार श्रीलंका को शिकस्त दी है, जबकि श्रीलंका को एकमात्र और आखिरी जीत 2009 में मिली थी। 17 साल से ऑस्ट्रेलिया टी20 वर्ल्ड कप में श्रीलंका से नहीं हारी है।
ऑस्ट्रेलिया की ओर से मैट रेनशॉ इस वर्ल्ड कप में टॉप स्कोरर रहे हैं। उन्होंने 2 मैचों में 132.46 की स्ट्राइक रेट से 102 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका बेस्ट स्कोर 65 रन रहा है।
वहीं बॉलिंग में नाथन एलिस ने 2 मैचों में 5.87 की इकोनॉमी से रन देते हुए 4 विकेट लिए हैंं। इस दौरान 12 रन देकर 4 विकेट उनका बेस्ट प्रदर्शन रहा है।
श्रीलंका के लिए कुसल मेंडिस ने इस टूर्नामेंट से सबसे ज्यादा रन बनाए हैं। मेंडिस ने दोनों मैचों में अर्धशतक लगाते हुए 132.95 की स्ट्राइक रेट से 117 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका बेस्ट स्कोर 61 रहा है।
वहीं महीश तीक्षणा श्रीलंका के लिए बेस्ट बॉलर साबित हुए हैं। उन्होंने 2 मैचों में 4.25 की इकोनॉमी से रन खर्च करते हुए 5 विकेट लिए हैं। उनका बेस्ट बॉलिंग परफॉर्मेंस 23 रन देकर 2 विकेट रहा है।
पिच कंडीशन
श्रीलंका के पल्लेकेले इंटनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में 31 टी20 इंटरनेशल मैच खेले गए हैं। इसमें 29 बार पहले बैटिंग करने वाली टीम जीती है, जबकि चेज करने वाली टीम को सिर्फ 1 मैच में जीत मिली है। वह मुकाबला भी सुपर ओवर में गया था। 1 मैच बेनतीजा रहा है।
यह पिच स्पिनरों के लिए मददगार रही है। मैच के साथ पिच स्लो हो जाती है, इसलिए यहां चेज करना मुश्किल होता है। यहां टीमें टॉस जीतकर पहले बैटिंग करना पसंद करती है।