India

दिल्ली के दीनदयाल पार्क में 'भजन क्लबिंग': पीएम मोदी ने जेन-जी संग बजाई खंजरी

 

नई दिल्ली। भारतीय जनसंघ के विचारक पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती के अवसर पर शुक्रवार शाम दिल्ली स्थित दीनदयाल उपाध्याय पार्क में एक अनूठा कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पार्क में आयोजित 'भजन क्लबिंग' कार्यक्रम में हिस्सा लिया और युवाओं (Gen-Z) के बीच बैठकर भक्ति संगीत का आनंद उठाया।

कार्यक्रम के दौरान जब मंच पर भक्ति गीतों की प्रस्तुति चल रही थी, तब पहली पंक्ति में बैठे प्रधानमंत्री मोदी खुद ढपली/खंजरी (Tambourine) बजाते और भजनों की धुन पर ताल मिलाते नजर आए।

सियासी हलचल के बीच युवाओं के बीच पहुंचे पीएम मोदी

प्रधानमंत्री का यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब राजनीतिक दलों के बीच देश की युवा पीढ़ी और जेन-जी मतदाताओं को साधने की होड़ मची हुई है:

  • विपक्ष के हमले का जवाब: पीएम मोदी का यह कार्यक्रम उस दिन सामने आया जब एक दिन पहले ही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और कांग्रेस के नेता राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर युवाओं के मताधिकार और SIR प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे।

  • 2029 का बड़ा वोटबैंक: आगामी 2029 के आम चुनावों में लगभग 36.74 करोड़ वोटर्स (देश की कुल आबादी का करीब 26%) जेन-जी पीढ़ी से होंगे। यही वजह है कि सभी प्रमुख राजनीतिक दल इस युवा वर्ग से सीधे जुड़ाव की कोशिश कर रहे हैं।

'आस्था और आधुनिकता का सुंदर मेल': पीएम मोदी पहले भी कर चुके हैं तारीफ

प्रधानमंत्री मोदी लंबे समय से युवा पीढ़ी द्वारा भक्ति और संस्कृति को नए अंदाज में अपनाने की सराहना करते रहे हैं:

  • ऑस्ट्रेलिया दौरे पर जिक्र: पीएम मोदी ने जुलाई में अपने ऑस्ट्रेलिया प्रवास के दौरान मेलबर्न में भी 'भजन क्लबिंग' का जिक्र करते हुए कहा था कि भारत की नई पीढ़ी अपनी समृद्ध जड़ों और आस्था को आधुनिक जीवनशैली के साथ खूबसूरती से जोड़ रही है।

  • 'मन की बात' में सराहा: इससे पहले जनवरी 2026 में 'मन की बात' कार्यक्रम में भी उन्होंने कहा था कि यह चलन युवाओं को आध्यात्मिकता से जोड़े रखने का एक बेहतरीन तरीका है।

स्लैंग, रील्स और 'OG': युवाओं से कनेक्ट होने का मोदी स्टाइल

प्रधानमंत्री मोदी लगातार नई पीढ़ी से उनके ही अंदाज और भाषा में संवाद स्थापित कर रहे हैं:

  • GRWM (गेट रेडी विद मी): पारंपरिक भारतीय हस्तशिल्प और वस्त्रों को प्रमोट करने के लिए सोशल मीडिया पर प्रचलित 'Get Ready With Me' फॉर्मेट का इस्तेमाल।

  • सेल्फी-स्टाइल रील्स: औपचारिक और लंबे भाषणों की बजाय सीधी और अनौपचारिक बातचीत वाली 'कैंडिड' रील्स बनाकर युवाओं से जुड़ना।

  • युवाओं की भाषा का प्रयोग: अपने संबोधनों में जेन-जी के पसंदीदा शब्दों जैसे 'Flex' और 'OG' का उपयोग करना तथा रील्स के जरिए युवाओं को सीधे 'फ्रेंड्स' कहकर संबोधित करना।