नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 2 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर और आसपास हुए प्रदर्शन के मामले में दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस ने प्रदर्शन से जुड़े मामलों में तीन FIR दर्ज की हैं। इनमें दो मामले संसद मार्ग थाना और एक मामला कनॉट प्लेस थाने में दर्ज किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान नई दिल्ली जिले में पहले से लागू प्रतिबंधों का उल्लंघन किया गया। 2 अक्टूबर को विभिन्न राजनीतिक दलों, छात्र संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जंतर-मंतर पर जुटने और CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन का आह्वान किया था। प्रदर्शन में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सवाल भी उठाए गए थे।
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दी थी। नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू थे। इसके तहत बिना अनुमति पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, जुलूस, प्रदर्शन और धरने पर रोक थी।
इसके बावजूद बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर की ओर पहुंचे। पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। रिपोर्टों के मुताबिक, प्रदर्शन में राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ छात्र संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी हिस्सा लिया था।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, तीनों FIR में फिलहाल किसी व्यक्ति या संगठन को आरोपी के तौर पर नामजद नहीं किया गया है। हालांकि FIR में प्रदर्शन के आयोजकों और इसमें शामिल संगठनों से संबंधित विवरण का उल्लेख किया गया है। पुलिस की जांच के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
पुलिस ने शुरुआती तौर पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 के तहत मामले दर्ज किए हैं। यह धारा किसी लोक सेवक द्वारा विधिवत जारी आदेश की अवज्ञा से संबंधित है। पुलिस का कहना है कि प्रतिबंधात्मक आदेश लागू होने के बावजूद प्रदर्शन के लिए लोगों के जुटने के मामले में यह कार्रवाई की गई है।
यह प्रदर्शन चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के SIR को लेकर विपक्षी दलों, छात्र संगठनों तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं की ओर से उठाई जा रही आपत्तियों के बीच हुआ। अब तीन FIR दर्ज होने के बाद दिल्ली पुलिस की जांच आगे बढ़ेगी और जांच के आधार पर यह तय होगा कि मामले में आगे किन लोगों की भूमिका सामने आती है।