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देशभर में कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन: देहरादून में बैरिकेडिंग तोड़ी, पटना में चला वाटर कैनन

नई दिल्ली: देश में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सियासी और कानूनी घमासान तेज हो गया है। मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने देशव्यापी विरोध प्रदर्शन किया, वहीं दूसरी ओर विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया से जुड़े विवादों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका भी दाखिल की गई है।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और उनकी गिरफ्तारी की मांग को लेकर कांग्रेस ने शुक्रवार को देशभर में व्यापक प्रदर्शन आयोजित किए।

  • उत्तराखंड (देहरादून): देहरादून में विरोध दर्ज करा रहे कांग्रेस कार्यकर्ता आक्रोशित हो गए और पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेडिंग पर चढ़ गए।

  • बिहार (पटना): पटना में चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी कर रहे प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को वॉटर कैनन (पानी की बौछार) का इस्तेमाल करना पड़ा।

  • अन्य राज्य: दिल्ली, चंडीगढ़, जम्मू और गुवाहाटी सहित देश के विभिन्न हिस्सों में भी राज्य निर्वाचन आयोग के दफ्तरों के बाहर भारी विरोध प्रदर्शन देखने को मिला।

 

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का अल्टीमेटम: 2 अक्टूबर से देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी

विवाद के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है।

  • CJP ने गुरुवार को ज्ञानेश कुमार को 48 घंटे के भीतर पद से इस्तीफा देने की डेडलाइन दी थी।

  • शुक्रवार को पार्टी ने स्पष्ट किया कि यदि मुख्य चुनाव आयुक्त इस्तीफा नहीं देते हैं, तो CJP 2 अक्टूबर (गांधी जयंती) से पूरे देश में उग्र आंदोलन शुरू करेगी।

 

सुप्रीम कोर्ट पहुंची SIR की लड़ाई: 13 करोड़ वोटर्स के नाम हटाने पर SIT जांच की मांग

विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया, इसके फैसलों और सॉफ्टवेयर में किए गए बदलावों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।

  • असंवैधानिक करार देने की मांग: याचिका में SIR के तहत दिए गए निर्देशों, फैसलों और सॉफ्टवेयर में बिना वैधानिक प्रक्रिया के किए गए बदलावों को असंवैधानिक घोषित करने की अपील की गई है।

  • SIT जांच: ड्राफ्ट रोल से कथित तौर पर करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाने के मामले में एक विशेष जांच दल (SIT) या न्यायिक समिति के गठन की मांग की गई है।

  • आपराधिक मामला दर्ज करने की अर्जी: याचिकाकर्ता ने मुख्य चुनाव आयुक्त और आयोग के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ लोक कर्तव्य के उल्लंघन के तहत आपराधिक जांच चलाने और कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।