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श्रीगंगानगर बॉर्डर पर ड्रोन से हथियार और RDX गिराने की साजिश: मामला NIA को सौंपा; 8 किलो ब्लैक RDX डिस्मेंटल

श्रीगंगानगर: राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास ड्रोन के जरिए हथियारों और विस्फोटक की बड़ी खेप गिराए जाने के सनसनीखेज मामले की जांच अब राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) को सौंप दी गई है। इस मामले में सुरक्षा एजेंसियों ने पंजाब के दो आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है, जिनके तार सीधे पाकिस्तानी हैंडलर्स से जुड़े बताए जा रहे हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि इनमें से एक आरोपी पिछले दिनों पंजाब में हुए एक बम धमाके में भी शामिल रहा है।

 

जयपुर से पहुंची टीम ने 8 किलो ब्लैक RDX को किया डिस्मेंटल

घटना की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा तंत्र पूरी तरह मुस्तैद हो गया है:

  • विशेषज्ञों की जांच: जयपुर से आई सुरक्षा एजेंसियों की विशेष टीम ने सीआईडी (CID) एएसपी दीक्षा कामरा की देखरेख में विस्फोटक से भरे पैकेटों की गहन जांच की।

  • विस्फोटक को किया निष्क्रिय: जांच में पुष्टि हुई कि पैकेटों में खतरनाक 'ब्लैक RDX' था। इसके बाद सुरक्षा टीम ने तकनीकी रूप से RDX को सफलतापूर्वक डिस्मेंटल कर दिया। इसके सैंपल लेकर सुरक्षित रख लिए गए हैं तथा शेष विस्फोटक को नियमानुसार नष्ट किया जाएगा।

  • सुरक्षा घेरा: एहतियात के तौर पर घटनास्थल के 100 मीटर के दायरे में आम लोगों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी गई है।

 

क्या था पूरा मामला? ड्रोन से गिराए गए थे हथियार और रिमोट

रावला थाना क्षेत्र के चक 5 केकेएमएन में खानुवाली पोस्ट से महज 1 किलोमीटर की दूरी पर सोमवार रात पाकिस्तानी ड्रोन ने तीन पैकेट नीचे गिराए थे:

  • बरामदगी: इन पैकेटों से 7.750 किलोग्राम ब्लैक RDX, दो जिगाना पिस्टल, चार मैगजीन और 867 कारतूस (जिनमें 35 खाली थे) बरामद किए गए। इसके अलावा पांच बैटरियां, एक रिमोट और दो कप्लर भी मिले हैं।

  • सक्रिय मोड में था RDX: अधिकारियों के मुताबिक बरामद RDX एक्टिव मोड में था। यदि इसे मौके पर मिले रिमोट और कप्लर से कनेक्ट कर दिया जाता, तो एक बड़ा धमाका हो सकता था।

 

पाकिस्तानी हैंडलर 'उमर चाचा' और रामसिंह के इशारे पर आए थे आरोपी

मौके से गिरफ्तार किए गए दोनों युवकों की पहचान सुखविंद्र सिंह (19) पुत्र सतपाल सिंह (निवासी जलालाबाद) और लखविंद्र सिंह (19) पुत्र जीत सिंह (निवासी फिरोजपुर, पंजाब) के रूप में हुई है:

  • सांठगांठ का खुलासा: पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि फिरोजपुर के अलीके निवासी रामसिंह उर्फ मन्नी रायसिख उन्हें लगातार बॉर्डर पार से खेप उठाने के निर्देश दे रहा था।

  • रामसिंह ने ही पाकिस्तान में बैठे 'उमर चाचा' से इनकी बात करवाकर ड्रोन के जरिए यह डिलीवरी मंगवाई थी। आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे रामसिंह के कहने पर ही खेतों में यह खतरनाक सामान लेने पहुंचे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब एनआईए (NIA) इस अंतरराज्यीय और सीमा पार के आतंकी नेटवर्क की गहराई से पड़ताल कर रही है।