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ग्वालियर में शीतला माता मंदिर जा रहे श्रद्धालुओं को ट्रक ने कुचला, 15 की मौत; 26 घायल

ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शनिवार देर रात शीतला माता मंदिर में दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालुओं के साथ दर्दनाक हादसा हो गया। चीनौर रोड पर ढलान के पास धान से भरा तेज रफ्तार ट्रक बेकाबू होकर सड़क किनारे दर्शन के लिए लाइन में लगे लोगों को कुचलता चला गया। हादसे में 15 लोगों की मौत होने और 26 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। घायलों में दो पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। हादसे के बाद ट्रक चालक और मालिक को गिरफ्तार कर लिया गया है।

ढलान पर बेकाबू हुआ ट्रक

जानकारी के मुताबिक, हादसा देर रात करीब 1:30 बजे हुआ। श्रद्धालु शीतला माता मंदिर में दर्शन के लिए सड़क किनारे कतार में खड़े थे। इसी दौरान चीनौर की ओर से आ रहा धान से भरा ट्रक ढलान पर बेकाबू हो गया। बताया जा रहा है कि चालक मोबाइल पर गूगल मैप की मदद से रास्ता देख रहा था। ढलान पर ट्रक के ब्रेक फेल होने के बाद वाहन पुलिस चेकपोस्ट को तोड़ते हुए श्रद्धालुओं को कुचलकर मंदिर की बाहरी दीवार और गेट से टकरा गया। टक्कर से मंदिर की दीवार भी ढह गई और कई लोग मलबे में दब गए।

घायलों को जयारोग्य अस्पताल में भर्ती कराया गया। हादसे के बाद मृतकों के परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।

मुख्यमंत्री ने जताया दुख, मुफ्त इलाज के निर्देश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हादसे पर दुख जताते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की मृत्यु का समाचार अत्यंत हृदयविदारक है। उन्होंने प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और कहा कि सभी घायलों का नि:शुल्क इलाज कराया जाएगा। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी घटना पर दुख जताया।

घायलों का हाल जानने ट्रॉमा सेंटर पहुंचे मंत्री राकेश शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस और प्रशासन पर लगे आरोपों की जांच की जा रही है। हादसे में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। घायलों की आर्थिक सहायता को लेकर भी मुख्यमंत्री से चर्चा हुई है।

परिजनों ने उठाए पुलिस की भूमिका पर सवाल

कोटा में 24 घंटे में एक और प्रसूता की मौत हो गई। रोशन बैरवा की शुक्रवार रात 12 बजे न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में सिजेरियन डिलीवरी हुई थी। इसके बाद 11 घंटे तक ब्लीडिंग नहीं रुकी। डॉक्टरों का कहना है कि खून ज्यादा बहने से शनिवार सुबह 11.30 बजे रोशन बैरवा की मौत हो गईं। इससे पहले डिलीवरी के बाद किडनी फेल हो जाने से शुक्रवार को रेशमा (40) की मौत हो गई थी।

मृतका के पति महेंद्र ने बताया- सुबह 7 बजे से रोशन की सांस फूलने लगी और तबीयत बिगड़ गई। फिर उसे आइसीयू में शिफ्ट किया। रोशन का पेट फूल रहा था।

हॉस्पिटल अधीक्षक डॉ.आशुतोष शर्मा ने बताया कि रोशन बैरवा बारां की रहने वाली थी। उसका बारां व कोटा में निजी हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था। शुक्रवार रात 8 बजे परिजन उसे न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल लाए थे। महिला हाई रिस्क पेशेंट थी, उसे एनीमिया भी था। उसका वजन भी काफी कम (39-40 किलो) था। महिला ने रात को ही सिजेरियन डिलीवरी से बच्चे को जन्म दिया था। डिलीवरी के बाद महिला के ब्लीडिंग शुरू हो गई थी जिससे एक यूनिट ब्लड चढ़ाया गया।