बिहार: देश की शीर्ष अदालत (सुप्रीम कोर्ट) ने पटना हाईकोर्ट के एक बेहद विवादित फैसले पर कड़ा रुख अपनाया है। सुप्रीम कोर्ट पटना हाईकोर्ट के उस आदेश को रद्द (खारिज) कर सकता है, जिसमें अदालत ने कहा था कि महिला की सलवार उतारना दुष्कर्म (रेप) की कोशिश के तहत नहीं आता।
भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की तीन सदस्यीय पीठ इस मामले पर स्वतः संज्ञान (Suo Moto) लेते हुए सुनवाई कर रही है।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत ने पटना हाईकोर्ट के फैसले की शब्दावली और टिप्पणियों पर गहरी नाराजगी जताई:
टिप्पणियों पर ऐतराज: CJI सूर्यकांत ने स्पष्ट रूप से कहा कि पटना हाईकोर्ट के इस निर्णय में की गई कुछ टिप्पणियां बेहद आपत्तिजनक हैं और इन्हें स्वीकार नहीं किया जा सकता।
रद्द करने के संकेत: पीठ ने कहा कि आरोपी पक्ष की दलीलों को सुनने और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद हाईकोर्ट के इस आदेश को पूरी तरह खारिज किया जा सकता है।
आरोपी को नोटिस जारी: CJI ने बिहार के एडवोकेट जनरल एसडी संजय को निर्देश दिया कि स्थानीय पुलिस के माध्यम से मामले के आरोपी को तुरंत नोटिस तामील करवाया जाए, ताकि आगे की कानूनी सुनवाई पूरी की जा सके।
यह पूरा मामला तब सामने आया जब सुप्रीम कोर्ट इलाहाबाद हाईकोर्ट के ऐसे ही एक विवादास्पद फैसले पर सुनवाई कर रहा था:
इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला रद्द: इससे पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने एक आदेश में कहा था कि "किसी नाबालिग की छाती दबाना या पायजामे का नाड़ा तोड़ना दुष्कर्म का प्रयास नहीं माना जा सकता।" इस बेहद विवादित फैसले को सुप्रीम कोर्ट पहले ही पूरी तरह रद्द कर चुका था।
पटना हाईकोर्ट ने दोहराई गलती: 14 जुलाई को वरिष्ठ अधिवक्ता शोभा गुप्ता ने सुप्रीम कोर्ट की पीठ के समक्ष पटना हाईकोर्ट के इस आदेश का उल्लेख किया। उन्होंने अदालत को बताया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला रद्द होने के बावजूद पटना हाईकोर्ट ने उसी तरह की संवेदनशील और आपत्तिजनक टिप्पणियां करते हुए यह आदेश पारित किया है।
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की गंभीरता और महिलाओं की सुरक्षा व सम्मान से जुड़े कानूनी पहलुओं को देखते हुए खुद ही संज्ञान लिया। शीर्ष अदालत द्वारा इस तरह के फैसलों पर सख्त रुख अपनाने से निचली अदालतों और उच्च न्यायालयों को संवेदनहीन टिप्पणियों से बचने का कड़ा संदेश मिला है।